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Explainer: ऐसे समझिए कनकशन सब्स्टीट्यूट और इम्पैक्ट प्लेयर के बीच का फर्क

 भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के विरुद्ध पुणे टी20 मैच के दौरान हर्षित राणा को बतौर कनकशन सब्स्टीट्यूट उतारा जिसे लेकर टकराव हो गया शिवम दुबे को मैच के दौरान बल्लेबाजी करते हुए हेलमेट पर बॉल लगी थी इसके बाद वो गेंदबाजी करने नहीं उतरे और उनकी स्थान पर हर्षित राणा को मैच खेलने का मौका मिला इंग्लैंड के विरुद्ध उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया और 3 विकेट लेकर हिंदुस्तान की जीत में अहम मूमिका निभाई कनकशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर उनको खेलने का मौका मिला लेकिन लोग इसे इम्पैक्ट प्लेयर बता रहे हैं ऐसे में यह प्रश्न उठना लाजमी है कि दोनों में अंतर क्या है

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पुणे टी20 में हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 181 रन बनाए थे लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 19.4 ओवर में 166 रन पर सिमट गई हर्षित राणा ने 4 ओवर में 33 रन देकर 3 विकेट झटके रवि बिश्नोई ने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए वरुण चक्रवर्ती ने 2 जबकि अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह ने 1 इंग्लिश बल्लेबाज को आउट किया हिंदुस्तान ने 15 रन से मैच जीतकर सीरीज में 3-1 की बढ़त हासिल की मैच समाप्त होने के बाद इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने हर्षित राणा को कनकशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर शिवम दुबे की स्थान मैच में उतारने पर प्रश्न उठाया उन्होंने बोला यह लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट नहीं है

क्या होता है कनकशन सब्स्टीट्यूट
आईसीसी ने मैच के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हुए खिलाड़ियों की स्थान प्लेइंग इलेवन में संभावित लिस्ट में शामिल खिलाड़ियों में से किसी को मैदान पर उतारने का प्रावधान रखा है यदि मैच के दौरान किसी खिलाड़ी को सिर पर चोट लग जाती है और वो आगे खेलने की स्थिति में नहीं होता तो उसकी स्थान पर कनकशन सब्स्टीट्यूट को उतारा जा सकता है आईसीसी के नियम के अनुसार जो खिलाड़ी चोटिल होता है उसी की क्षमता का खिलाड़ी मैदान पर उतारा जा सकता है गेंदबाज की स्थान गेंदबाज, बल्लेबाजी की स्थान बल्लेबाज, विकेटकीपर और ऑलराउंडर की स्थान भी खिलाड़ी रिप्लेस किए जा सकते हैं

क्या होता है इम्पैक्ट प्लेयर
इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान इम्पैक्ट प्लेयर के नियम का प्रयोग किया जाता है आईसीसी ने इसे अभी तक इंटरनेशनल मुकाबलों में लागू नहीं किया है इस नियम के अनुसार मैच के दौरान पहली पारी और दूसरी पारी के बीच में दोनों ही टीम को किसी एक खिलाड़ी के बदले दूसरे खिलाड़ी को शामिल करने का मौका दिया जाता है जैसे पहले पारी में बल्लेबाजी कर चुके खिलाड़ी को गेंदबाज से बदला जा सकता है

कनकशन सब्स्टीट्यूट और इम्पैक्ट प्लेयर में क्या अंतर है?
ये दोनों ही नियम एक दूसरे से एकदम अलग हैं एक तरफ जहां कनकशन सब्स्टीट्यूट में केवल समान क्षमता के खिलाड़ी ही खेल सकते हैं वहीं इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर किसी भी खिलाड़ी को उतारा जा सकता है कनकशन में यदि कोई बल्लेबाज चोटिल होकर मैदान से बाहर जाता है तो सब्स्टीट्यूट के तौर पर आने वाली खिलाड़ी केवल फील्डिंग कर पाएगा वहीं इम्पैक्ट प्लेयर पहली पारी में बल्लेबाजी कर चुके बैटर की स्थान आने वाला गेंदबाज हो सकता है जो टी20 में पूरे 4 ओवर गेंदबाजी कर सकता है

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