किसान के लाडले ने रोशन किया प्रदेश का नाम
रामपुर के छोटे से गांव इटौरा के निवासी हिमांशु मिश्रा ने एक बार फिर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। अंतर्राष्ट्रीय भाला फेंक खिलाड़ी हिमांशु राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर खेल के दम पर अपनी पहचान बना चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि जैवलीन थ्रो के राष्ट्र के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा भी उन्हें इंस्टाग्राम पर फॉलो करते हैं।

हिमांशु का यात्रा एक साधारण किसान परिवार से प्रारम्भ होकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। उनके पिता विनय मिश्रा और माता माया मिश्रा के समर्थन से हिमांशु ने अपनी मेहनत से खेल में कामयाबी पाई, पिछले पांच सालों में उन्होंने कुल 9 राष्ट्रीय और 1 अंतर्राष्ट्रीय पदक अपने नाम किए हैं। उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई छोड़कर खेल में अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया और यह निर्णय उनके लिए ठीक साबित हुआ।
चोट के बावजूद बहुत बढ़िया वापसी
हिमांशु के करियर में एक समय ऐसा भी आया जब वह चोटिल हो गए थे और इसके कारण उन्हें कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से चूक गए थे। लेकिन चोट से उबरते ही उन्होंने वापसी की और फिर से स्वयं को खेल में पूरी तरह से झोंक दिया। हाल ही में 7 से 11 दिसंबर तक भुवनेश्वर में आयोजित 39वीं जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में हिमांशु ने बहुत बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 68.36 मीटर का थ्रो कर तीसरा जगह हासिल किया।
राज्य गवर्नमेंट की सहायता से आगे बढ़े हिमांशु
हिमांशु ने लोकल 18 से कहा की कहा कि 2020 में जेवलीन थ्रो में उनकी रुचि जागी थी और आरंभ में पैसों की कमी के चलते उन्होंने लकड़ी से भी भाला फेंकने की प्रैक्टिस की। वर्तमान में वह भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में रहते हैं, जहां उनकी खाने-पीने और रहने की सारी प्रबंध राज्य गवर्नमेंट द्वारा की जाती है।
स्थानीय पहचान पर हिमांशु का विचार
जब हिमांशु से पूछा गया कि इतने बड़े मुकाम को हासिल करने के बाद क्षेत्रीय लोग उन्हें कैसे देखते हैं, तो उन्होंने कहा, “सतना में खिलाड़ी को कोई ख़ास पहचान नहीं मिलती।” फिर भी, हिमांशु की मेहनत और लगन उन्हें न सिर्फ़ उनके क्षेत्र में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिला रही है।

