पूर्व चैंपियन को वर्ल्ड कप 2027 में कदम रखने के लिए देनी पड़ेगी अग्नि परीक्षा
England vs South Africa: क्रिकेट का जनक बोला जाने वाला इंग्लैंड इन दिनों खराब खेलने के कारण चर्चाओं में हैं। यहां तक कि अब तो स्थिति ये है कि 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में उसकी स्थान पक्की नहीं है। हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड का 50 ओवर के फॉर्मेट में खराब प्रदर्शन जारी है। लॉर्ड्स में खेले गए साउथ अफ्रीका ने उसे दूसरे वनडे मैच में 5 रन से हरा दिया। इसके साथ ही तेम्बा बावुमा की टीम ने 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।

ब्रूक की कप्तानी में हालत खराब
साउथ अफ्रीका ने 1998 के बाद इंग्लैंड में अपनी पहली वनडे सीरीज जीती है। यह हार इंग्लैंड के लिए एक और बड़ा झटका है। इसके चलते 2027 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने की संभावनाएं अब खतरे में हैं। 2019 की विश्व चैंपियन टीम ने 2023 विश्व कप के बाद से 21 वनडे में से केवल सात मैच जीते हैं। टीम के खराब प्रदर्शन में इस वर्ष की आरंभ में चैंपियंस ट्रॉफी से ग्रुप स्टेज में बाहर होना और हिंदुस्तान में सीरीज हारना भी शामिल है
आठवें नंबर पर इंग्लैंड
हैरी ब्रूक की कप्तानी में वेस्टइंडीज के विरुद्ध तीन मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप करने के बावजूद इंग्लैंड आईसीसी वनडे रैंकिंग में आठवें जगह पर है। यदि उसका यह खराब प्रदर्शन जारी रहता है, तो वह सीधे क्वालीफाई करने से चूक सकता है। फिलहाल वह अफगानिस्तान से चार अंक पीछे हैं और नंबर एक टीम हिंदुस्तान से 37 अंक पीछे हैं। 2027 वर्ल्ड कप में 14 टीमें होंगी।
इन टीमों को मिलेगी डायरेक्ट एंट्री
इस टूर्नामेंट के मैच साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होंगे। मेजबान होने के नाते साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे क्वालीफाई करने का मौका मिलेगा, जबकि नामीबिया को क्वालीफाइंग राउंड से गुजरना होगा। मेजबानों के अतिरिक्त शीर्ष आठ टीमें सीधे क्वालीफाई करेंगी। इंग्लैंड के पास अभी भी अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए 18 महीने का समय है।
इन राष्ट्रों से होने हैं इंग्लैंड के मैच
आगे इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर एक सीरीज खेलेगी। इसके बाद टी20 विश्व कप से पहले उसे श्रीलंका में तीन और वनडे मैचों में खेलने का मौका मिला। अगले वर्ष हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमें इंग्लैंड का प्रतीक्षा कर रही हैं। यदि इंग्लैंड अपने आने वाले मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करता है, तो उसे वर्ल्ड कप में प्रवेश पाने के लिए क्वालीफाइंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।

