‘मांकडिंग’ को लेकर आर अश्विन ने लंबी पोस्ट लिखते हुए कहा…
जब भी कहीं मांकड यानी नॉन हड़ताल एंड पर रन आउट करने वाली बात आती है तो एकाएक भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का नाम सामने आया है। वैसे तो नॉन हड़ताल पर रन आउट करने की बात दशकों पुरानी है, लेकिन ये लाइमलाइट में उस समय आई, जब इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान आर अश्विन ने जोस बटलर को रन आउट किया था। हालांकि, उस समय इस पर बहस छिड़ी थी कि ये खेल भावना के विरुद्ध है, लेकिन अब इसे आधिकारिक तौर पर रन आउट का दर्जा दे दिया गया है। वहीं, जब अफगानिस्तान और पाक के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मैच के दौरान शादाब खान को नॉन हड़ताल एंड पर रन आउट किया गया तो इस पर बहस फिर से छिड़ गई, जिसका उत्तर आर अश्विन ने साफ शब्दों में दिया है।

एक खेल पत्रकार ने इसको लेकर बोला कि बड़े मैचों में हमने नहीं देखा कि किसी नॉन हड़ताल पर रन आउट किया हो। सिर्फ़ वही राष्ट्र इसका समर्थन कर रहे हैं, जिन्होंने अभी तक इसका सामना नहीं किया है या अक्सर इसका कोशिश करने की प्रयास करते हैं। पत्रकार ने ये भी बोला कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज और पाक जैसे राष्ट्रों के खिलाड़ी इसके विरुद्ध रहे हैं। उन्होंने ये भी इल्जाम लगाया कि स्त्री क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग की वजह से इन चीजों का समर्थन किया जा रहा है। हालांकि, आर अश्विन इस बात से नाखुश नजर आए और उन्होंने बोला कि अच्छा यही होगा कि बल्लेबाज क्रीज में रहे।
अश्विन ने एक्स पर लंबी पोस्ट लिखते हुए कहा, “यह स्थिति का मुनासिब मूल्यांकन है। कल्पना कीजिए कि कोई आदमी विश्व कप सेमीफाइनल या एक मुश्किल खेल में कोहली, रोहित, स्मिथ, रूट या किसी भी जरूरी बल्लेबाज को नॉन स्ट्राइकर पर रन आउट कर दे, जो क्वॉलिफिकेशन तय करेगा। मुझे विश्वास है कि सब आग बबूला हो जाएंगे और कुछ जानकारों द्वारा चरित्र हनन का अभियान चलाया जाएगा जो अभी भी इससे सहमत नहीं हैं और निश्चित रूप से प्रशंसकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।” अश्विन ने आगे इसका निवारण भी कहा कि क्या करना चाहिए?
ऑफ स्पिनर ने कहा, “केवल एक ही निवारण है, बल्लेबाज कोई भी हो और स्थिति चाहे जो भी हो, बल्लेबाज को यह देखना होगा कि गेंदबाज गेंद को कब फेंक रहा है और उसका कंधा कब रोटेट हो रहा है। यदि वह ऐसा नहीं करता है और रन आउट हो जाता है, तो हमें गेंदबाज की सराहना करनी चाहिए और बल्लेबाजों को बताना चाहिए कि उसे इसका ध्यान रखना चाहिए। उसने अपना एक्शन एकदम भी पूरा नहीं किया है और उसे 5वें 6वें ओवर में इस पर गौर करना चाहिए, क्योंकि तर्क बेकार हैं। एक बार जब गेंदबाज गेंद डालने के लिए तैयार हो जाता है तो वह बल्लेबाज को रन आउट नहीं कर सकता, क्योंकि यह कानून के अनुसार गलत है।”
अश्विन ने ये भी दावा किया, “इस समय सभी टीमें ऐसा नहीं कर रही हैं, लेकिन विश्व कप आते ही, मुझे वास्तव में आशा है कि हर कोई इसके लिए तैयार है, क्योंकि यदि वे इस पर कड़ा रुख अपनाते हैं तो फिर अन्य टीमें इसका फायदा उठा सकती हैं, क्योंकि विश्व कप जीतना सबसे बड़ी उपलब्धि है। अंततः, क्या जीतना ही सब कुछ है? हां, यह कुछ लोगों के लिए सब कुछ है और कई अन्य लोगों के लिए नहीं, हमें दोनों को स्वीकार करने की जरूरत है, क्योंकि हम सभी अलग हैं। क्रीज के अंदर रहो और शांति से रहो।”

