करियर पर विराम लगा सकते हैं ये दाएं हाथ के मध्यम-तेज गेंदबाज, बातों से छलका दर्द….
ऑस्ट्रेलिया के दाएं हाथ के मध्यम-तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड का मानना है कि वह 2023 एशेज श्रृंखला के मुकाबले अब बेहतर गेंदबाज है और करियर के आखिरी पड़ाव पर उनके कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है.

बोलैंड ने दो वर्ष पहले एशेज में पांच में से सिर्फ़ दो टेस्ट खेले थे और वह दो विकेट ही ले पाए थे. इंग्लैंड में 2-2 से ड्रॉ हुई एशेज सीरीज में तीन अन्य ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों – मिशेल स्टार्क (23 विकेट), पैट कमिंस (18) और जोश हेजलवुड (16) का दबदबा था. तब से बोलैंड ने चार टेस्ट खेले हैं और 27 विकेट लिए हैं. बर्मिंघम और लीड्स के उन कठिन दिनों को याद करते हुए 36 वर्षीय बोलैंड का मानना है कि तब से उनके कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है.
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “मैं यही कहूंगा भले ही मेरी उम्र बढ़ रही है, फिर भी मुझे लगता है कि मेरे कौशल बेहतर हो रहे हैं. भले ही मैं अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हूं, फिर भी मैं सीख रहा हूं कि क्या मेरी सहायता कर रहा है और क्या मुझे अपना सौ फीसदी प्रदर्शन करने में सक्षम बना रहा है.”
उन्होंने कहा, “2023 एशेज के बाद से मैंने इसके बारे में बहुत सोचा है. मुझे अब भी लगता है कि इंग्लैंड में कई बार ऐसा हुआ था जब मैंने अच्छी गेंदबाजी की थी, बस मुझे विकेट नहीं मिला था. मैं पहले के मुकाबले बेहतर गेंदबाज हूं और (आगामी एशेज) ऐसे हालात में होने वाली है जिससे मैं अच्छी तरह परिचित हूं.”
फिटनेस और दबाव के प्रश्न पर बोलैंड ने कहा, “रॉनी (मुख्य कोच एंड्रयू मैकडॉनाल्ड) ने मुझे चुनौती नहीं दी, बल्कि मुझसे पूछा क्या ऐसा कुछ है जिसे हम थोड़ा अलग कर सकें ताकि मेरा शरीर पूरे समय बेहतरीन प्रदर्शन कर सके मैं बस आगे बढ़ना चाहता हूं. मैं जितना और जब तक हो सकेगा अपने शरीर को फिट रखूंगा.”
उन्होंने कहा, “मुझे चार तेज गेंदबाजो वाले आक्रमण में फिर से खेलने की आशा है लेकिन शायद ऑस्ट्रेलिया में नहीं. नाथन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिन गेंदबाजों में से एक हैं, वह किसी भी हालात में गेंदबाजी कर सकते हैं. वह पिछले कुछ वर्षों से हमारी गेंदबाजी लाइन-अप की मजबूत कड़ी रहे हैं. फिर आप शायद ग्रीनी (कैमरन ग्रीन) को (पीठ की सर्जरी से) वापसी करते और गेंदबाजी करते देखेंगे, जिससे चार तेज गेंदबाजों की आसार भी कम हो जाएगी.”
उन्होंने कहा, “पहले दो टेस्ट (इस गर्मी में) के बीच इतने अच्छे ब्रेक हैं कि जो भी खेलता है उसे पूरी तरह से तरोताजा होने का मौका मिलता है. दूसरे और तीसरे टेस्ट के बीच का ब्रेक भी उतना ही लंबा है, आठ दिन का, लेकिन तीसरे और चौथे, और चौथे और पाँचवें टेस्ट के बीच टर्नअराउंड टाइम सिर्फ़ चार दिन का है.”
स्लेजिंग को लेकर बोलैंड ने कहा, “वे खेलते समय जो चाहें कर सकते हैं. मुझे लगता है कि पिछले चार वर्षों से जब से मैं टीम में हूं, तब से हम जिस तरह से खेल रहे हैं, उसमें हम काफी निरंतरता बनाए हुए हैं. हम जिस तरह से क्रिकेट खेलते हैं, उसमें कोई खास परिवर्तन नहीं आया है.”

