उत्तर प्रदेश पूर्वांचल में नए चेहरों को चुनावी मैदान में उतार सकती है बीजेपी
लखनऊ। लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच यूपी पूर्वांचल में भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। भाजपा यहां पांच नए चेहरों को चुनावी मैदान में उतार सकती है। ये ज्यादातर वो चेहरे हैं जो दूसरी पार्टियों से भाजपा में आए हैं। पार्टी भदोही से कांग्रेस पार्टी से भाजपा में आए राजेश मिश्रा, मौजूदा भाजपा सांसद रमेश बिंद का टिकट काट सकती है। राजेश मिश्रा कांग्रेस पार्टी से वाराणसी सीट से 2004 में सांसद रह चुके हैं और पूर्व यूपी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष रह चुके हैं। प्रयागराज से रीता बहुगुणा जोशी की स्थान पूजा पाल को टिकट मिल सकता है।

पूजा पाल समाजवादी पार्टी विधायक थीं। वे भाजपा में शामिल हुई है। पूजा कुछ वर्षों पहले मारे गए उत्तर प्रदेश के नेता राजू पाल की पत्नी हैं। गाजीपुर सीट सुभासपा बृजेश सिंह को मिल सकती है। बृजेश सिंह पूर्वांचल के माफिया हैं। बलिया से नीरज शेखर को टिकट मिल सकता है। वीरेन्द्र सिंह का टिकट कट सकता है। नीरज शेखर पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे हैं। कुछ वर्षों पहले वह समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में आए थे। उनके पिता भी पूर्व पीएम चंद्रशेखर बलिया से ही सांसद हुआ करते थे। देवरिया से अल्का सिंह को लोकसभा टिकट मिल सकता है। वे वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष हैं।
इस ओर इशारा कर रहे सूत्र
दूसरी ओर सूत्रों के हवाले से भी बड़ी समाचार है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने गाजियाबाद से सांसद पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, पीलीभीत से वरुण गांधी, प्रयागराज सीट से रीता बहुगुणा, बलिया से वीरेंद्र सिंह मस्त, हाथरस से राजवीर दिलेर, जयपुर से रामचरण बोहरा, गंगानगर सीट से निहाल चंद और बंदायू से संघमित्रा मौर्य का टिकट काट दिया है।
बीजेपी का इन पर भरोसा
सूत्र कहते हैं कि भाजपा ने गाजियाबाद से अतुल गर्ग, पीलीभीत से जितिन प्रसाद, हाथरस से अनूप बाल्मिकी, सहारनपुर से राघव लखनपाल, अलीगढ़ से सतीश गौतम, जयपुर शहर सीट से पूजा कपिल मिश्रा, सुल्तानपुर से मेनका गांधी, मुरादाबाद से सर्वेश कुमार, ओडिशा की संभलपुर सीट से धर्मेंद्र प्रधान, पुरी से संबित पात्रा और भुवनेश्वर से अपराजिता सारंगी को टिकट दिया है।

