उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाए कड़े कदम
उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं. परिवहन विभाग ने प्राइवेट विद्यालयों में चलने वाले वाहनों को लेकर 13 मानक तय किए हैं. अब स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का कोई समझौता गवर्नमेंट नहीं करेगी.

शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने डेढ़ दर्जन विद्यालयों की जांच की, जिसमें 125 वाहनों में 25 वाहन अनफिट मिले. इन्हें विभाग ने एक हफ्ते के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया. यह अभियान 13 जुलाई तक चलेगा. सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन मोहम्मद अजीम और संभागीय निरीक्षक तकनीकी आरडी प्रसाद वर्मा ने कुल 18 विद्यालयों के 125 वाहनों की जांच की.
उन्होंने बोला कि मोटर व्हीकल एक्ट और उच्चतम न्यायालय की तरफ जारी की गई विद्यालय वाहनों की गाइडलाइन और मानक के अनुरूप ही विद्यालय संचालक विद्यालय वाहन संचालन कर सकते हैं. उन्होंने बोला कि जो स्कूली वाहन मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं वह शीघ्र पूरा कर लें. प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान सड़क पर मिले अनफिट वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. गवर्नमेंट ने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि अब प्राइवेट विद्यालयों में चलने वाली बसों को 13 मानक पूरे करने होंगे.
8 जुलाई से प्रारम्भ हुआ अभियान
इसको लेकर कुशीनगर का परिवहन विभाग भी 8 जुलाई से अभियान प्रारम्भ कर चुका है. कुशीनगर परिवहन विभाग ने कसया नगर में स्थित हैरिटेज इंटरनेशनल पब्लिक विद्यालय पहुंचकर बसों की जांच की. जांच कुशीनगर एआरटीओ ने हर बिंदु पर बस के अंदर जाकर मानकों को देखा. ड्राइवर के लाइसेंस से लेकर उनकी वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की जांच की. जहां कमियां देखी गईं उसे दुरुस्त करने को लेकर विद्यालय संचालकों को निर्देश दिए गए.
कुछ वाहन किए गए सीज
कुशीनगर परिवहन विभाग ने अब तक 25 विद्यालयों की जांच की है. कुछ विद्यालयों में कमियां पाई गई हैं उन विद्यालय के कुछ वाहनों को सीज भी किया गया हैं. बता दे गवर्नमेंट ने परिवहन विभाग को 22 जुलाई तक जांच पूरे करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही जांच की पूरी रिपोर्ट 25 जुलाई को परिवहन मंत्री और आयुक्त को सौंपने के निर्देश दिए हैं. गवर्नमेंट अब जांच और रिपोर्ट के आधार पर बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगी.

