ज्ञानवापी केस में आज होने वाली है एक अहम सुनवाई
Kashi Vishwanath Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मुकदमा में बुधवार को एक अहम सुनवाई होने वाली है। वाराणसी के जिला न्यायधीश डाक्टर अजय कृष्ण विश्वेश की न्यायालय में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने या न करने से सम्बंधित तीन अर्जियों पर सुनवाई होगी। न्यायालय को पिछली सुनवाई पर ही आदेश देना था, लेकिन लोअर न्यायालय में सर्वे की दूसरी प्रति दाखिल होने की वजह से 24 जनवरी के लिए टाल दिया था। न्यायालय ने पूर्व पक्षकारों से विरोध भी मांगी है।

एएसआई की ओर से 18 दिसम्बर को दो बंद लिफाफे में जिला न्यायधीश की न्यायालय में सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंप दी गई है। इसी दौरान हिन्दू पक्ष की चार स्त्रियों की ओर से प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट को बिना सील लिफाफे न्यायालय में सौंपने और रिपोर्ट को वादी अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के ई-मेल पर भेजने की मांग की। उधर, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने विरोध दर्ज कराते हुए बोला है कि ये बहुत गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। संवेदनशीलता और भाईचारे को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट वादी सहित किसी अन्य के साथ साझा नहीं की जा सकती।
एएसआई अधिवक्ता ने भी प्रार्थना पत्र देकर बोला कि सर्वे रिपोर्ट की द्वितीय प्रतिलिपि सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक न्यायालय (वर्ष 1991 के मूल वाद सबंधित मामला) में भी सौंपी जानी है। इसलिए चार सप्ताह का समय दिया जाए। हिन्दू पक्ष ने विरोध जताई कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं हैं। जो सर्वे रिपोर्ट दाखिल की गई है, वह अब न्यायालय की पत्रावली है। ये रिपोर्ट आमजन को जानना अति जरूरी है। इसे सीक्रेट बनाकर अनावश्यक माहौल बनाया जा रहा है। न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। 6 मई की पिछली सुनवाई पर न्यायालय ने 24 जनवरी की तिथि नियत की थी।
एफटीसी में एएसआई आज दाखिल कर सकता है रिपोर्ट
वर्ष 1991 से ज्ञानवापी-आदिविश्वेश्वर मूलवाद की सुनवाई कर रही सिविल न्यायधीश (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) प्रशांत कुमार सिंह की न्यायालय में एएसआई बुधवार को ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट दाखिल कर सकता है। न्यायालय ने एएसआई को 25 जनवरी तक समय दिया है। बता दें कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई प्रारम्भ हुई है। जिसमें न्यायालय ने एएसआई को सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

