हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की हुई मौत
bhole baba hathras stampede : हाथरस में कुछ दिन पहले एक सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की मृत्यु की त्रासद घटना के बाद सुर्खियों में आए स्वयंभू बाबा हरिनारायण साकार उर्फ भोले बाबा ने बोला कि वह हाथरस भगदड़ से बहुत व्यथित हैं. उन्होंने बोला कि नियति में लिखे को कोई टाल नहीं सकता और सभी को एक दिन मरना ही है.

सूरजपाल उर्फ भोले बाबा ने असंवेदनशील बयान देते हुए बोला कि वह 2 जुलाई की घटना के बाद से अवसाद ग्रस्त और अत्यंत व्यथित हैं लेकिन होनी को कौन टाल सकता है. जो आया है उसे एक दिन तो जाना भी है.
उन्होंने बोला कि हमारे वकील चिकित्सक ए। पी। सिंह और प्रत्यक्ष दर्शियों ने जिस विषैले स्प्रे के बारे में कहा है, वह पूर्णतय: सत्य है, कोई ना कोई षड्यंत्र जरूर हुई है. कुछ लोग हैं जो सनातन और सत्य के आधार पर चलने वाले उनके संगठन को बदनाम करने की प्रयास कर रहे हैं.
भोले बाबा ने बोला कि हमें एसआईटी और न्यायिक आयोग पर पूरा भरोसा है तथा मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम के सभी अनुयायियों को भी पूरा भरोसा है कि वे दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए साजिशकर्तों को बेनकाब करेंगे.
बाबा ने बोला कि हमने महापुरुषों से दिवंगत आत्माओं के परिजनों और उपचार करवा रहे घायलों के साथ जीवन पर्यंत तन-मन-धन से खड़े रहने की अपील की है जिसको सभी महापुरुषों ने अपनी अपनी सामर्थ्य के मुताबिक मानना भी प्रारम्भ किया है.
गौरतलब है कि दो जुलाई को हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र में स्वयंभू बाबा सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि उर्फ ‘भोले’ बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की मृत्यु हो गई थी. राज्य गवर्नमेंट ने घटना की जांच के लिए एसआईटी और न्यायिक आयोग का गठन किया है. भगदड़ के मुद्दे में दर्ज मुकदमे में बाबा का नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं था.
एसआईटी ने गत जुलाई को राज्य गवर्नमेंट को सौंपी गयी अपनी रिपोर्ट में भगदड़ के पीछे किसी बड़ी षड्यंत्र की संभावना से इनकार नहीं किया. एसआईटी रिपोर्ट में क्षेत्रीय प्रशासन की ओर से चूक की ओर भी इशारा किया गया है. रिपोर्ट में भगदड़ के लिए आयोजकों को उत्तरदायी ठहराया गया है और दावा किया गया है कि उन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रबंध नहीं की और प्रशासन की जिम्मेदारी भी तय की गई है.
इससे पहले, पुलिस सहित सरकारी एजेंसियों ने आयोजकों को कार्यक्रम में कुप्रबंधन के लिए गुनेहगार ठहराया था, जिसमें बोला गया था कि आयोजकों ने प्रशासन को सत्संग में 80 हजार लोगों के आने की सूचना दी थी मगर वहां ढाई लाख लोगों की भीड़ जुट गई. भगदड़ के सिलसिले में पुलिस ने मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर सहित 9 लोगों को अरैस्ट किया है.

