उत्तर प्रदेश

रामजन्मभूमि परिक्रमा के साथ निकलेगी 21 झांकियां

Shri Ram Janmabhoomi Ayodhya : श्री रामलला के जन्म उत्सव से पूर्व हर साल की भांति इस साल भी श्रीरामजन्मभूमि (राम कोट) की परिक्रमा, जो कि विगत 20 सालों से लगातार होती चली आ रही है. इस बार भी 21वें साल की परिक्रमा 29 मार्च को साधु-संत और गणमान्य व्यक्तियों के साथ की जाने की तैयारी की जा रही है, साथ ही 21 झांकिया भी निकाली जाएंगी, जिसकी जानकारी श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने दी.Download 11zon 2025 03 20t183855. 325

WhatsApp Group Join Now

उन्होंने कहा की रामजन्मभूमि परिक्रमा के आयोजक टोली की बैठक श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भवन में संपन्न हुई. इस बैठक में प्रमुख रूप से चंद्रगोपाल पाण्डेय, अवनि शुक्ला, रवि कुमार, महंत वैदेही वल्लभ शरण, डाक्टर अनिल मिश्रा, गोपाल जी, रामानुज शरण ब्रह्मचारी आदि साधु-संत शामिल रहे.

इसमें रामजन्मभूमि परिक्रमा के साथ 21 झांकियां भी निकाले जाने का सुझाव दिया गया, जिसमें प्रमुख रूप से हिंदुस्तान माता, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, जगतगुरु रामानुजाचार्य, संत तुलसीदास, महर्षि वाल्मीकि, गुरु नानकदेव, संत झूलेलाल, स्वामी दयानंद सरस्वती, संत रविदास, संत गाडगे, निषादराज, विश्वकर्मा जी और महाराजा सुहेल देव की झांकी निकलने का प्रस्ताव दिया गया, जिस पर ट्रस्ट ने सहमति भी दे दी है.

इसके साथ ही बैठक में स्वामी नारायण मंदिर, मखोड़ा मंदिर, आस्तिकन आश्रम, श्रृंगी ऋषि आश्रम और कामाख्या धाम मंदिर की अनुकृति की झांकी को भी परिक्रमा में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है. जिसके लिए केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति, गायत्री परिवार और ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय यूनिवर्सिटी से संपर्क किया जा रहा है.

 

राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि रामजन्मभूमि परिक्रमा में प्रमुख रूप से राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन, प्रांत प्रचारक कौशल के शामिल होने की सहमति प्राप्त हो गई है, साथ ही परिक्रमा में व्यापारी, साधु-संत, विशिष्टजनों और अयोध्यावासियों को एक्टिव तौर पऱ शामिल रहने का निवेदन किया गया है.

 

राम मंदिर की परिक्रमा का शुरुआत 3 बजे से गजेंद्र मंदिर में पूजन से प्रारंभ होगा जो कि डाक खाना तिराहा, राम पथ से होते हुए टेढ़ी बाजार, थाना रामजन्मभूमि, गोकुल भवन से अशर्फी भवन होते हुए गजेंद्र परिसर पहुंचकर विसर्जित होगी. पूरे परिक्रमा मार्ग पर स्वागत द्वार बनाए जाएंगे, साथ ही परिक्रमार्थियों का जगह-जगह स्वागत किया जाएगा.

 

Back to top button