गोरखपुर से चलने वाली 76 ट्रेनें हुई कैंसिल
गोरखपुर कैण्ट स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग और गोरखपुर कैण्ट-कुसम्ही थर्ड रेल लाइन के कमीशनिंग में ब्लाक की वजह से 76 ट्रेनों को 6 सितंबर से 11 सितंबर तक कैंसिल कर दिया गया है। वहीं नयी दिल्ली में जी-20 समिट के मद्देनजर राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से आने वाली ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। इसमें गोरखपुर और बिहार रूट की ट्रेनें भी शामिल हैं। ऐसे में यात्रियों की कठिनाई काफी बढ़ गई है। ट्रेनों के बाद बसों की सीमित संख्या भी यात्रियों का बोझ उठाने में अपर्याप्त है।

आर्थिक दृष्टिकोण से सबसे व्यस्त रूट माने जाने वाले गोरखपुर- लखनऊ- दिल्ली रूट पर ट्रेनों के अचानक कैंसिल हो जाने से लोगों का काम प्रभावित हो रहा है। जो ट्रेनें चल भी रही हैं वो आनंद विहार में ही टर्मिनेट हो जा रही हैं। ऐसे में दिल्ली लोगों की पहुंच से काफी दूर हो गई है। और बसों की सीमित संख्या यात्रियों का भार उठाने में सक्षम नहीं है। लोग रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के टिकट काउंटर तक पहुंचने के बाद निराश हो रहे हैं।
स्टूडेंट्स और जॉब पेशा लोगों को अधिक परेशानी
गोरखपुर के ज्यादातर स्टूडेंट दिल्ली और लखनऊ में रहकर तैयारी करते हैं। जबकि नौकरी और अन्य सिलसिले में भी दिल्ली का रुख करना ही पड़ता है। ऐसे में ट्रेनों के कैंसिल होने के चलते स्टूडेंट्स और जॉब पेशा लोगों की कठिनाई काफी बढ़ गई है। वहीं बसों में भी स्थान नहीं मिल पर रही है। कई सारे स्टूडेंट इसी चक्कर में साक्षात्कार देने से चूक गए।
कुलियों का हाल बेहाल, उधारी से हो रहा जीवन यापन
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सामान ढोने वाले कुलियों की माली हालत खराब हो गई है। ट्रेनों का संचालन न होने से यात्री स्टेशन पर आने से कतरा रहे हैं। ऐसे में उनके सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रेलवे स्टेशन पर उपस्थित कुली जाहिद अली ने कहा कि अभी तक लोगों से उधार मांग कर किसी तरह खर्च चला रहा हूं। लेकिन यही स्थिति रही तो आगे बहुत कठिन होगी। वहीं एक अन्य कुली ने कहा कि 3 दिन से दिल्ली रुट की ट्रेनें पूरी तरह से बंद हैं। ऐसे में घर का खर्चा निकलना कठिन हो गया है।

