डिप्थीरिया टीकाकरण कार्यक्रम में किया गया 93 छात्र-छात्राओं का टीकाकरण
जालौन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने डिप्थीरिया से बचाव के लिए टीकाकरण कार्यक्रम का शुरुआत किया. जिसमें 93 विद्यार्थियों टीकाकरण कराया गया. जालौन में अभी तक 20 बच्चे डिप्थीरिया से ग्रसित मिले हैं. जिसमें कई बच्चों की मृत्यु भी हुई है.
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जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने कहा- डिप्थीरिया (गला घोंटू) रोग में बच्चे को जुकाम-खासी के साथ गले में सूजन आ जाने के कारण जाली सी वन जाती है. जिससे बच्चे को सांस लेने में कठिनाई होती है. दम घुटने से बच्चे की मौत हो जाती है. इस रोग से बचाव का एक मात्र उपाय, नियमित टीकाकरण है.
नियमित लगवाएं टीका मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिकित्सक नरेंद्र देव शर्मा ने कहा कि डेढ माह, ढाई माह तथा साढे तीन माह पर डीपीटी की तीन डोज तथा (16-24 माह) प्रथम बूस्टर एवं 5 साल पर द्वितीय बूस्टर डोज, तथा 10 साल एवं 16 साल पर टीडी का टीका लगाया जाता है. किसी कारण से टीका छूट जाने पर उसी अन्तराल में डीपीटीएल का बूस्टर डोज लगाई जाती है. उन्होंने बोला कि अत्यधिक खतरे के कारण जनपद के ब्लाक डकोर एवं कोंच मे दिनांक 26,27,30 सितम्बर 01,03 तथा 4 अक्टूबर 2024 को 5 वर्ष, 10 वर्ष, तथा 16 साल के छूटे हुए बच्चों को डिप्थीरिया से बचाव के लिए विद्यालय आधारित टीकाकरण अभियान चलाया जाना है.
डिप्थीरिया टीकाकरण के बारे में सतर्क करें उन्होंने बोला कि जिन बच्चों को डीपीटी का टीका नहीं लगा है. वह अपने आस-पडोस के 5 वर्ष, 10 साल एवं 16 साल के बच्चो का गला घोटू जैसी खतरनाक रोग से बचाव के लिये डीपीटी टीका अवश्य लगवाएं. आप अपने क्षेत्र के लोगो को डिप्थीरिया टीकाकरण के बारे में जानकारी अवश्य दें. जिससे डिप्थीरिया टीकाकरण के प्रति जनता मे विश्वास बढ़ेगा तथा टीकाकरण के प्रति जन समान्य के अन्दर व्याप्त भ्रान्तियों को दूर कर अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके. जनपद में अब तक 20 मैरिज डिप्थीरिया ग्रसित पाए गए हैं. जिसमें कई लोगों की मृत्यु हुई है. बचाव के लिए लगातार लोगों को सुझाव दिए जा रहे हैं. जिससे लोगों को सुरक्षित बचाया जा सके.

