सुल्तानपुर में तीर्थयात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलटी
सुल्तानपुर जिले में बीती रात बड़ा दुर्घटना होते-होते टल गया. तीर्थयात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर ओवरब्रिज के पास पलट गई. हादसे में करीब 18 यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जबकि बस में सवार 52 तीर्थयात्रियों की जान बाल-बाल बच गई. घायलों को जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

गाय को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
यह घटना कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के भुलकी-सौरमऊ बाईपास ओवरब्रिज के पास रात करीब 2 बजे हुई. बस चालक अनीस अहमद ने कहा कि बहराइच से प्रयागराज जा रही बस (UP 72 M 0587) अचानक एक गाय के सामने आ जाने से अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे के बाद यात्रियों में अफरातफरी मच गई.
स्थानीय लोग और पुलिस बने सहारा
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य प्रारम्भ किया. सभी घायलों को जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया. इस दौरान स्वदेशी जागरण मंच के विभाग संयोजक धर्मेंद्र द्विवेदी और सहसंयोजक राजीव तिवारी भी मौके पर पहुंचे और घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराने की प्रबंध की.
नवजात बच्चे के मिलने पर राहत की सांस
हादसे के दौरान एक तीन महीने का नवजात बच्चा अपनी मां से बिछड़ गया था. काफी तलाश के बाद बच्चा सुरक्षित मिल गया. मासूम के मिलने पर वहां उपस्थित लोग भावुक हो उठे.
स्वयंसेवकों ने किया सेवा कार्य
जिले के विख्यात सर्जन और संघ संचालक डाक्टर एके सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओम शाखा के स्वयंसेवकों को सेवा कार्य के लिए भेजा. स्वयंसेवकों ने घायलों की सहायता की और सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की नयी बस की प्रबंध कराई.
इस मौके पर द्वारिका नाथ पांडे, रमेश सिंह बिसेन, रामस्वारथ वर्मा, अवनीश तिवारी, डाक्टर ओंकारनाथ कौशल, शीतल, आनंद मिश्रा, शिवशंकर पांडे और लक्ष्मी नारायण सिंह समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे.

