उत्तर प्रदेश

आग पकड़ रहा है संस्कृत विश्वविद्यालय के वीसी से अभद्रता का मामला

सम्पूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी के कुलपति के कार्यालय में घुसकर अभद्रता का मुद्दा सामने आया है. इस संबंध में यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर दिनेश कुमार गर्ग ने तहरीर देकर चेतगंज पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया है. अभद्रता करने का इल्जाम श्रीसाधु ब

02 07 2022 sampurnanand sanskrit university 22855591 m

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कुलसचिव से की प्रवक्ता ने अभद्रता इस संबंध में संस्कृत यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर दिनेश कुमार गर्ग ने बताया- डॉ संजय त्रिपाठी; श्री साधु बेला संस्कृत महावि‌द्यालय, वाराणसी में प्रवक्ता साहित्य के पद पर कार्यरत है. संजय त्रिपाठी वाट्सएप एवं सोशल मीडिया पर झूठा इल्जाम लगाकर कुलपति, कुलसचिव और विश्ववि‌द्यालय को बदनाम करने का कोशिश किया गया. जिसे यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल हुई है. इसके अतिरिक्त 2 जनवरी को यूनिवर्सिटी के कुलसचिव के कार्यालय में घुसकर उनसे अभद्रता की.

कुलपति से भी अभद्रता चीफ प्रॉक्टर ने इल्जाम लगाया है कि – इसके बाद 4 जनवरी डॉ संजय त्रिपाठी कुलपति प्रोफेसर बिहारी लाल शर्मा के कार्यालय में पहुंचे और उनसे ऊंची आवाज में मर्यादा के उल्टा बात की और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया. इसका संज्ञान कुलपति द्वारा लिया गया है. उनके निर्देश के क्रम में चेतगंज पुलिस स्टेशन में तहरीर दी गयी है.

सोशल मीडिया पर कर रहे हैं छवि धूमिल इसके अतिरिक्त विश्ववि‌द्यालय के ऑफिसरों एवं यूनिवर्सिटी के छवि को खराब करने के लिए डॉ संजय कुमार त्रिपाठी द्वारा भ्रामक समाचार सोशल मीडिया और समाचार पत्र में प्रकाशित / Circulate किया गया. तथा इनके द्वारा कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों को दबाव में लेकर कार्य करने के लिए बाध्य करने का कोशिश किया गया. जिससे सरकारी कार्य करने में बाधा उत्पन्न हो रही है.

डॉ संजय कुमार त्रिपाठी ने 11 जनवरी को एक पोस्ट अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर की थी. इसमें उन्होंने लिखा था ‘भ्रष्टाचार के विरुद्ध आबाज उठाई और करप्शन का विरोध किया तो पद के मद में चूर सम्पूर्णानन्द संस्कृत यूनिवर्सिटी वाराणसी के कुलसचिव श्रीमान राकेश कुमार आईएएस अपने पद और आई ए एस का रौब दिखाकर आज ये नोटिस दिया गया है सत्य की आबाज को दबाया जा रहा. लेकिन सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नही. यहॉ वही कहावत चरितार्थ हो रही है की चोरी की चोरी ऊपर से सीना जोरी’

इसके साथ उन्होंने तीन डाक्यूमेंट भी संलग्न किए हैं. इसमें वाराणसी के टेढ़ी नीम स्थित हरदेव दास नथमल बैरोलिया आदर्श अग्रवाल संस्कृत महाविद्यालय की दस सदस्यीय व्यवस्था समिति में मृत आदमी को सदस्य बनाने का मुद्दा उजागर किया गया था. संजय का इल्जाम है कि उक्त सदस्य की 2022 में ही मृत्यु हो चुकी है. उसके बावजूद उसे समिति में शामिल किया और कुलपति ने उसका अनुमोदन भी किया था. इसपर कम्पलेन की थी.

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