उत्तर प्रदेश

14 बीघा जमीन विवाद को लेकर एक किसान ने डीजल डालकर खुद को लगाया आग

सहारनपुर में 550 वर्गमीटर जमीन टकराव में एक किसान ने डीजल डालकर स्वयं को आग लगा ली. पुलिस-प्रशासनिक टीम ने समय रहते कंबल और बोरी डालकर आग पर काबू पा लिया. इससे किसान की जान बच गई. आग से किसान 90 फीसदी जल गया. उसे जिला हॉस्पिटल भेजा गया. जहां से किसान कDownload 11zon 2025 03 09t094204. 632

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ट्यूबवेल के इंजन से डीजल लिया और लगा ली आग थाना चिलकाना क्षेत्र के सुल्तानपुर में वेदप्रकाश (60) के खेत के पास स्थित जैन मंदिर की 14 बीघा जमीन को लेकर टकराव चल रहा है. इस टकराव में करीब 550 वर्गमीटर जमीन पर वेदप्रकाश और जैन मंदिर व्यवस्था समिति के बीच मुद्दा एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन था.

हाल ही में कोर्ट ने निर्णय जैन मंदिर व्यवस्था समिति के पक्ष में सुनाया. जिसके अनुपालन के लिए शनिवार को एसडीएम सदर अंकुर वर्मा, एएसपी विवेक तिवारी पुलिस टीम धारा-24 के अनुसार जैन समाज को जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए पहुंच गए.

राजस्व टीम जब जमीन की पैमाइश और डोलबंदी कर रही थी, तभी वेदप्रकाश वहां पहुंचे और हंगामा करने लगे. उन्होंने अपनी विरोध जताई, लेकिन जब प्रशासनिक टीम ने अपना कार्य जारी रखा, तो वेदप्रकाश ने खेत पर रखे ट्यूबवेल के इंजन से डीजल लिया और स्वयं पर डालकर आग लगा ली. मौके पर उपस्थित पुलिस और ऑफिसरों ने कंबल और बोरी डालकर किसी तरह आग बुझाई.

इसके बाद थाना प्रभारी कपिल देव ने तुरंत अपनी गाड़ी से वेदप्रकाश को पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल रेफर कर दिया.

इस दौरान वेदप्रकाश के भाई लाजपत और अन्य परिजनों ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का इल्जाम लगाया. उन्होंने बोला कि प्रशासन केवल जैन मंदिर व्यवस्था समिति के पक्ष में काम कर रहा है और उनकी बात नहीं सुनी जा रही.

10 दिन पहले भी हुई थी पंचायत गांव में 10 दिन पहले भी दोनों पक्षों को बैठाकर पंचायत हुई थी. लेकिन कोई मुद्दा सुलझा नहीं था. एक पंचायत रविवार यानी आज होनी थी. जिसमें विधायक मुकेश चौधरी को बैठना था. विधायक की माने तो उन्होंने इस बारे में एसडीएम को कहा था, लेकिन ऑफिसरों ने जल्दबाजी कर जमीन की पैमाइश करने पहुंच गए. यदि बात मानी जाती तो ये घटना नहीं होती.

3 मंजिल पर चढ़ गया था किसान, दी थी जान देने की धमकी

जमीन का पुराना चल रहा है. जैन मंदिर अपनी जमीन को कम बताकर कब्जे की बात कहता रहा है, जबकि वेदप्रकाश पक्ष अपनी जमीन कम होने का दावा करता आ रहा है. इसके वाद में अक्टूबर 2024 में जैन मंदिर के अधिकार में निर्णय आया था.

न्यायालय के निर्णय का पालन कराने के लिए दो जनवरी 2025 को राजस्व टीम मय फोर्स के कब्जा दिलाने पहुंची थी. तब वेदप्रकाश ने अपनी घर ही तीसरी मंजिल पर चढ़कर जान देने की धमकी दी थी. पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा था और राजस्व टीम वापस लौट गई थी.

31 जनवरी को दोबारा से राजस्व टीम ने दोबारा कोशिश किया था. इस बार घर के आदमी बाहर थे तो स्त्रियों ने मोर्चा संभाल लिया था और विरोध के साथ पुलिस और प्रशासन की टीम को वापस लौटना पड़ा था. लेकिन शनिवार को जब टीम पैमाइश करने पहुंची तो टीम ने हंगामे की संभावना से पहले ही वेदप्रकाश की पत्नी ममता को पुलिस स्टेशन में बैठा लिया था.

वेदप्रकाश के अतिरिक्त उनके दो भाई लाजपत और भजनलाल हैं. दोनों भाइयों के बच्चे हैं, जबकि वेद प्रकाश और ममता के कोई संतान नहीं है. प्रशासनिक ऑफिसरों का बोलना है कि राजस्व कोर्ट के आदेश का पालन किया जा रहा था. जैन मंदिर व्यवस्था समिति को कोर्ट से जमीन पर कब्जे का आदेश मिला था, जिसके अनुसार ही टीम मौके पर पहुंची थी.

 

550 वर्गमीटर जमीन के चक्कर में लगाई आग डीएम मनीष बंसल का बोलना है कि राजस्व न्यायालय के आदेश पर विवादित जमीन की पैमाइश करने के लिए राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ गई थी. दोनों पक्ष उपस्थित थे. पैमाइश के दौरान कब्ज़ा करने वाला पक्ष वेदप्रकाश ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का कोशिश किया. पुलिस ने आग बुझाकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया. फिलहाल उसका उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.

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