उत्तर प्रदेश

30 दिनों में आस्था का अटूट रेला उमड़ा, महाशिवरात्रि पर बन सकता है नया रिकॉर्ड

महाकुंभ नगर . विश्व के सबसे बड़े धार्मिक सांस्कृतिक समागम ‘महाकुंभ 2025’ ने दुनिया को अचंभित कर रखा है. पूरे विश्व के बड़े धार्मिक आयोजनों में यह अपनी विशेष पहचान बना चुका है. प्रयागराज में मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के पावन संगम में बीते 30 दिनों में आस्था का अटूट रेला उमड़ रहा है. इसी के साथ-साथ महाकुंभ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर पर पहुंच गया है, जिसकी प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी आशा की थी.

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बुधवार सुबह 8 बजे तक महाकुंभ में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 92.13 लाख है तो वहीं, 1.02 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया है. महाकुंभ में कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख से अधिक हो गई है. 11 फरवरी तक कुल 46.25 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई है. आसार जताई जा रही है कि माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर नया रिकॉर्ड बन सकता है.

उल्लेखनीय है कि महाकुंभ में राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से साधु-संत, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन आस्था के साथ भाग ले रहे हैं. प्रयागराज का यह महाकुंभ सनातन संस्कृति की अनंत धारा को विश्व पटल पर गौरवान्वित कर रहा है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ (मंत्रिमंडल समेत) संगम में डुबकी लगा चुके हैं. इसके अतिरिक्त प्रदेश की गवर्नर आनंदी बेन पटेल, राजस्थान के सीएम भजन लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, गुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, श्रीपद नाइक, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति, असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे संगन में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं.

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