उत्तर प्रदेश

IIT कानपुर में दो दिवसीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन कार्यक्रम का किया गया आयोजन

 

IIT कानपुर ने में दो दिवसीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) कार्यक्रम का आयोजन किया. इस विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के कक्षा 6 से 11 तक के स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच की पहचान करना और उसे प्रोत्साहित करना था.

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युवाओं के मन में वैज्ञानिक सोच विकसित हो

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए निदेशक प्रो मणीन्द्र अग्रवाल ने युवाओं के मन में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के महत्व पर बल दिया.

 

भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष प्रो अशुतोष शर्मा ने वैज्ञानिक जिज्ञासा के साथ-साथ आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और हास्य भावना को विकसित करने के महत्व पर बल दिया. वहीं, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक डाक्टर शेखर सी मांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सर जगदीश चंद्र बोस के बारे में रोचक बातें साझा की.

भारतीय वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करना है

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो जे रामकुमार ने कहा, “इस कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान और भारतीय वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करना है. हम इस पीढ़ी को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे सिर्फ़ सर्वश्रेष्ठ की ओर न देखें, बल्कि उन लोगों की भी सराहना करें जिन्होंने सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्टता प्राप्त की है.

 

पुस्तक का हुआ विमोचन

कार्यक्रम में पुस्तक “सत्येंद्र नाथ बोस: फादर ऑफ बोसॉन्स” का विमोचन किया गया, जो महान भारतीय भौतिकविद को श्रद्धांजलि अर्पित करती है. यह पुस्तक विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) के शैक्षणिक सत्र 2025-26 के पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी.

INSA के कार्यकारी निदेशक डाक्टर ब्रजेश पांडेय ने विद्यार्थियों को जरूरी गाइड लाइन और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी. इसके बाद विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें 10 विभिन्न आयामों को शामिल किया गया. इसमें प्रयोगों के माध्यम से अनुभवात्मक अधिगम, रचनात्मक सोच, संप्रेषण कौशल, पुनरावृत्ति का प्रदर्शन आदि शामिल थे.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति कैसे विज्ञान शिक्षा को बदल रही हैं

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो अभय करंदीकर ने कहा कि मिशन-आधारित पहलों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति कैसे विज्ञान शिक्षा को बदल रही हैं. साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि विज्ञान को क्यों समावेशी, साहसी और प्रश्नों से प्रेरित होना चाहिए.

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