अयोध्या के मिल्कीपुर में अधिवक्ताओं ने SDM से ले लिया पंगा
मिल्कीपुर में अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 के विरोध में वकीलों और एसडीएम के बीच टकराव हो गया. वकील राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देने एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाण्डेय और अन्य पदाधिकारियों ने एसडीएम को कई बार टेलीफोन किया. एसडीएम द्वारा टेलीफोन न उठाने पर वकीलों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा. कुछ देर बाद जब एसडीएम कार्यालय पहुंचे, तो वकीलों ने उनसे ज्ञापन के बारे में बात करनी चाही.

एसडीएम राजीव रतन सिंह और वकीलों के बीच टेलीफोन को लेकर बहस हो गई. एसडीएम ने वकीलों के प्रदर्शन को नौटंकी करार दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. वकीलों ने नारेबाजी प्रारम्भ कर दी, जिसके बाद एसडीएम अपने कार्यालय से चले गए.
वकीलों का बोलना है कि यह बिल बार काउंसिल की स्वायत्तता पर सीधा धावा है. उनका मानना है कि इससे बार काउंसिल ऑफ इण्डिया और बार काउंसिल ऑफ यूपी का लोकतांत्रिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा. वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि बिल वापस नहीं लिया गया तो वे देशव्यापी आंदोलन करेंगे.
एसडीएम का बोलना है कि उन्होंने वकीलों से केवल यह पूछा कि ज्ञापन देते समय नारेबाजी की क्या आवश्यकता है. वकील अभी भी धरने पर डटे हुए हैं और अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. नाराज अधिवक्ताओं का बोलना है कि जब तक एसडीएम द्वारा अपने शब्दों को वापस नहीं लिया जाता है तब तक हम लोगों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. उपाध्यक्ष विश्वनाथ मिश्र, मंत्री सूर्य नारायण दुबे, पूर्व अध्यक्ष शिवराज तिवारी, पूर्व उपाध्यक्ष अमित मिश्रा, शंभूनाथ त्रिपाठी, बृजेश पाण्डेय, बृजेश मिश्रा, शिवपूजन पाण्डेय, अशोक श्रीवास्तव, रामकेवल मिश्रा, श्री भगवान तिवारी सहित सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे

