एएमयू में इफ्तार के बाद अब नवरात्रि पर मचा जोरदार बवाल, उठ रही है यह बात
अलीगढ़ मुसलमान यूनिवर्सिटी (AMU) में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर टकराव उठना कोई नयी बात नहीं है। पिछले दिनों AMU प्रशासन ने हिंदू विद्यार्थियों को कैंपस में होली मिलन कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी थी, जिससे टकराव उत्पन्न हुआ था। इस मामले पर विद्यार्थियों ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी। अब नवरात्रि के दौरान एक बार फिर से कैंपस का माहौल फिर से गर्म हो गया है। वजह बनी है खाने की अलग प्रबंध और इस टकराव के केंद्र में है हिंदू विद्यार्थी अखिल कौशिक। उल्लेखनीय है कि अखिल कौशिक अलीगढ़ मुसलमान यूनिवर्सिटी के लॉ के विद्यार्थी हैं। और एएमयू से ही लॉ से मास्टर कर रहे है। और हिंदू विद्यार्थियों के भलाई के लिए हमेशा वह आवाज उठाते रहते हैं।

गौरतलब है कि विद्यार्थी नेता अखिल कौशल कि मांग है कि नवरात्रि में व्रत रखने वाले हिंदू विद्यार्थियों के लिए आलू, फल, साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी आदि मौजूद कराई जाए। जैसे रमजान में जैसे सेहरी और इफ्तार को लेकर मुसलमान विद्यार्थियों के लिए भोजन की विशेष प्रबंध होती है, इसी प्रकार नवरात्रि में व्रत रखने वाले हिंदू विद्यार्थियों के लिए व्रत के भोजन की विशेष प्रबंध की जाए। इस दौरान शाकाहारी और मांसाहारी भोजन भिन्न-भिन्न तैयार करने के संबंध में कठोर नज़र रखें। ध्यान रखा जाए कि बिना प्याज-लहसुन के शाकाहारी भोजन मांसाहारी भोजन से अलग तैयार किया जाए। इसके लिए हिंदू विद्यार्थियों द्वारा 24 घंटे का अल्टीमेटम यूनिवर्सिटी प्रशासन को दिया गया है।
छात्रों ने दिया एएमयू को अल्टीमेटम
एएमयू के हिंदूवादी विद्यार्थी नेता अखिल कौशल ने प्रॉक्टर कार्यालय को लिखित मांग सौंपी है। अखिल कौशल का बोलना है कि नवरात्रि के पावन पर्व में साफ-सुथरा और फलाहार भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने बोला कि नॉनवेज और नवरात्रि का खाना एकदम अलग बनाया जाए। अखिल कौशल ने चेतावनी देते हुए बोला कि यदि किसी भी विद्यार्थी की कम्पलेन मिली कि खाना अलग नहीं बनाया गया, तो कठोर विरोध किया जाएगा।
प्रॉक्टर ने साधी चुप्पी
छात्र नेता का इल्जाम है कि पहले भी कई बार वेज और नॉनवेज एक साथ बनाए जाने की शिकायतें आई हैं। वैसे मेस में खाना बनाने वाले ज्यादातर मुसलमान हैं, इसलिए उन्हें साफ निर्देश दिए जाएं कि नवरात्रि के दौरान हिंदू विद्यार्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए विशेष प्रबंध करें। फिलहाल प्रॉक्टर कार्यालय इस पूरे मुद्दे पर विचार कर रहा है। और कोई भी आधिकारिक बयान देने से इनकार कर रहे है।

