उत्तर प्रदेश

सत्ता से बेदखल होने के बाद अखिलेश यादव परेशान हैं : ओमप्रकाश राजभर

योगी गवर्नमेंट में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को लखनऊ में कहा- मैं अपने विधायक (अब्बास अंसारी) के साथ खड़ा हूं. वह न्यायालय जाते हैं तो उनका साथ दूंगा. अब्बास हमारे सिंबल से चुनाव लड़े थे. यदि उपचुनाव हुआ तो नियम के अनुसार, सुभासपा की सीट है, तो सुभासप

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रविवार को अब्बास की विधायकी रद्द किए जाने पर राजभर ने कहा- गवर्नमेंट ने कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई. जो भी आदेश आते हैं, गवर्नमेंट उनका पालन करती है. हम एनडीए के साथ हैं.

अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा- सत्ता से बेदखल होने के बाद अखिलेश परेशान हैं. वह चाहते हैं कि उन्हें फिर से सत्ता मिल जाए. जब सत्ता में थे, तब कुछ याद नहीं आया.“इस पर एक मीडिया कर्मी ने कहा-अखिलेश कह रहे हैं कि महाराजा सुहेलदेव की मूर्ति पर सोने की तलवार लगाई जाए. उत्तर में राजभर ने कहा- न नौ मन गेहूं होई, न राधा गवने जईहे.

राजभर ने कहा- सुभासपा बहराइच में 10 जून को सालार गाजी मेले की स्थान अब सुहेलदेव शौर्य दिवस मनाएगी. इसमें सीएम योगी भी शामिल होंगे. दुर्भाग्य यह है कि जिस महापुरुष ने अक्रांताओं को हराया, उसके शौर्य को लोग भूल गए, जबकि पराजित के नाम पर मेला लगाया जाता रहा है.

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी महापुरुषों को छुपाकर रखा

जो महापुरुष राष्ट्र के लिए लड़े, उन्हें कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी ने छुपाकर रखा. उन्हें नजरअंदाज किया गया. आज के समय में महाराजा सुहेलदेव, अहिल्याबाई होल्कर और बाबा साहेब अंबेडकर की चर्चा हो रही है. यह चर्चा कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी की सरकारों में नहीं होती थी.

राहुल गांधी जब भी विदेश जाते हैं, हिंदुस्तान को कटघरे में खड़ा कर देते हैं. अब उसी से आप समझिए कि कांग्रेस पार्टी क्या चाहती है. यदि कांग्रेस पार्टी चाहती, तो राष्ट्र के महापुरुषों को सम्मान देती,लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. ये लोग महापुरुषों के बारे में जानते ही नहीं हैं.

मैं सीना ठोंककर कहता हूं कि सुहेलदेव ने गाजी मियां को मारा

मैं सीना ठोंककर कहता हूं- बहराइच के नानपारा मैदान में 17 दिन युद्ध चला था. महाराजा सुहेलदेव ने सैयद सालार मसूद गाजी को मारकर वहीं दफन कर दिया. आप देखिए न, वहां आज भी मेला लगाया जाता है.

अब सवाल-जवाब से जानिए राजभर ने क्या कुछ कहा-

सवाल- जब से आकाश आनंद को बीएसपी का चीफ कोऑर्डिनेटर बनाया गया है, कुछ लोगों की बेचैनी बढ़ गई है?

जवाब– जिन लोगों की निगाहें दलित वोट पर थीं, उनकी बेचैनी और बढ़ गई है. खासतौर पर समाजवादी पार्टी की. बुलंदशहर का वीडियो देखिए, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने दलितों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है. एक तरफ वोट की बात करते हैं, दूसरी तरफ पीटते हैं.

सवाल- नए डीजीपी भी अखिलेश के निशाने पर आ गए हैं. जवाब– देखिए, सत्ता से बेदखल होने के बाद अखिलेश परेशान हैं. वह चाहते हैं कि उन्हें फिर से सत्ता मिल जाए. जब सत्ता में थे, तब कुछ याद नहीं आया. जब हमने महाराजा सुहेलदेव की चर्चा तेज की, तब उन्हें याद आया कि गोमती रिवर फ्रंट में महाराजा सुहेलदेव की मूर्ति लगाई जाए. वही गोमती रिवर फ्रंट, जिसकी CBI जांच चल रही है. 10 जून को सुहेलदेव शौर्य दिवस है मनाकर दिखाएं, तब जानें.

सवाल- अखिलेश कह रहे हैं कि महाराजा सुहेलदेव की मूर्ति पर सोने की तलवार लगाई जाए. जवाब– न नौ मन गेहूं होई, न राधा गवने जईहे. इसका मतलब यह है कि किसी काम को पूरा करने के लिए न तो पर्याप्त साधन होंगे और न ही वह काम पूरा होगा.

सवाल-आपसे पूछा गया कि आपकी पार्टी अब्बास अंसारी के साथ खड़ी है? आप NDA का हिस्सा हैं, तो मतभेद की स्थिति नहीं बनेगी? जवाब– अब्बास न्यायालय जाते हैं तो उनका साथ दूंगा. हालांकि, न्यायालय एक महीने बंद है, इस लिए उन्हें अभी लंबा प्रतीक्षा करना होगा. गवर्नमेंट ने इस मुद्दे में कोई जल्दबाजी नहीं की. जो भी आदेश आते हैं, गवर्नमेंट उनका पालन करती है.

हम लोग सहयोगी दल हैं. सबकी भिन्न-भिन्न विचारधाराएं हैं, लेकिन कुछ बातें समाज भलाई में होती हैं, जिनके विरुद्ध हमें मिलकर लड़ना है. अब्बास अंसारी हमारे सिंबल से चुनाव लड़े थे. सीट खाली हुई है. नियम के अनुसार, सुभासपा की सीट है, तो सुभासपा ही लड़ेगी.

सवाल- ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव सीधे जनता से कराने को लेकर चर्चाएं चल रही हैं. इस पर क्या कहेंगे?

जवाब– देखिए, इस विषय को लेकर मैं सीएम से कई बार मिल चुका हूं. मैंने दो बार गृह मंत्री अमित शाह से भी इस सिलसिले में मुलाकात की. उन्हें कहा कि इन दोनों चुनावों में धन और बाहुबल हावी रहता है. इसलिए ये चुनाव जनता से सीधे कराए जाने चाहिए. मैंने पीएम से भी मिलकर यह बात रखी है. देखिए, जब जनता चुनेगी तो धन और बाहुबल वाले लोग हस्तक्षेप नहीं कर पाएंगे. प्रस्ताव तैयार हो गया है, और इस सप्ताह दिल्ली भेजा जाएगा.

सवाल-ललितपुर में रिजवान जहीर को वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा था. इस पर क्या कहेंगे?

जवाब-कुछ ‘जुगाड़ू लाल’ होते हैं, जो जुगाड़ बना लेते हैं. लेकिन जब गवर्नमेंट को समाचार लगती है, तो गवर्नमेंट भी अपना काम करती है.

सवाल-धीरेंद्र शास्त्री ने बलि प्रथा पर विरोध जताई है, इस पर क्या कहेंगे?

जवाब-धीरेंद्र शास्त्री बलि पर रोक लगाने की बात कर रहे हैं, लेकिन हम देख रहे हैं कि भिन्न-भिन्न धर्मों के लोग अब भी बलि चढ़ा रहे हैं.

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