उत्तर प्रदेश

अलीगढ़: पहले दरोगा ने, अब न्यायिक अधिकारी ने दरोगा पर लगाए अभद्रता करने के आरोप

अलीगढ़ के थाना बन्ना देवी के रसलगंज चौकी इंचार्ज के खुदकुशी करने के लिए रेलवे ट्रैक पर पहुंचने और न्यायिक अधिकारी पर अमर्यादित व्यवहार करने के इल्जाम मुद्दे ने नया मोड़ ले लिया है. अब न्यायिक अधिकारी ने दरोगा पर अभद्रता करने के इल्जाम लगाए हैं. जिसकी कम्पलेन एसएसपी और सीजेएम को दी गई है.

Download 7 37

WhatsApp Group Join Now

आज अलीगढ़ में रिमांड मजिस्ट्रेट ने दरोगा पर अभद्रता करने का इल्जाम लगाया है. साथ ही दरोगा पर कार्रवाई के लिए एसएसपी और सीजेएम को कम्पलेन भी दी है. . कल 17 सितंबर को दरोगा ने इल्जाम लगाया था कि 16 सितंबर को न्यायिक अधिकारी ने उनके साथ काफी अमर्यादित व्यवहार किया. इससे आहत होकर वह जान देने के लिए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया. थाना बन्ना देवी पुलिस ने वहां पहुंचकर दरोगा को बचाया. यह मुद्दा 17 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो एसएसपी संजीव सुमन जिला न्यायधीश से मिलने पहुंचे थे.

यह है मामला

थाना बन्नादेवी में तैनात दरोगा सचिन कुमार का इल्जाम था कि एक मुद्दे में पांच आरोपियों की रिमांड स्वीकृत कराने के लिए 16 सितंबर की शाम को न्यायिक अधिकारी के समक्ष पेश हुआ, लेकिन न्यायिक अधिकारी ने रात 10 बजे तक कोर्ट में रोके रखा. हर 10 मिनट बाद अपने आराम कक्ष में बुलाकर अमर्यादित व्यवहार किया. न्यायिक अधिकारी ने आरोपियों को फर्जी पकड़कर लाने की बात कही, जबकि आरोपियों से चोरी की मोटरसाइकिल, स्कूटी बरामद हुई थी और उनका आपराधिक इतिहास है. दरोगा का इल्जाम था कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी रिमांड स्वीकृत नहीं किया गया तथा अमर्यादित व्यवहार की मर्यादा पार कर खुदकुशी करने के लिए मजबूर कर दिया. दरोगा जब खुदकुशी करने रेलवे ट्रैक पर पहुंचा तो थाना बन्नादेवी पुलिस ने उसे बचा लिया था. यह मुद्दा 17 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. एसएसपी ने पूरी जानकारी जिला न्यायधीश को दी थी.

Back to top button