सुल्तानपुर लूटकांड का एक और आरोपी पुलिस के एनकाउंटर में हुआ ढेर
लखनऊः सुल्तानपुर लूटकांड इस समय यूपी की सियासी गलियारों में लगातार नेताओं के निशाने पर है। एक तरफ जहां योगी गवर्नमेंट की पुलिस, एसटीएफ और एटीएस लूट की वारदात में शामिल अपराधियों को पकड़ रही है और ढेर कर रही है। वहीं सपा के मुखिया अखिलेश यादव इन एनकाउंटर्स पर प्रश्न उठा रहे हैं। इस लूट के मुद्दे में जब उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पहला मुठभेड़ मंगेश यादव का किया तो अखिलेश यादव ने सीधा इल्जाम लगाते हुए बोला कि यादव जाति का था इसलिए मुठभेड़ हो गया। लेकिन सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश एटीएस ने इस लूट के तीसरे आरोपी अनुज प्रताप सिंह को भी मार गिराया। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की इस कार्रवाई से ये अखिलेश यादव को सीधा उत्तर है कि योगी गवर्नमेंट में पुलिस की गोली यादव-ठाकुर नहीं देखती है।

STF को कहा था स्पेशल ठाकुर फोर्स
हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ का फुल फॉर्म बताते हुए बोला था कि ये स्पेशल ठाकुर फोर्स है। बता दें कि उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अब तक सुल्तानपुर लूटकांड में दो लोगों को ढेर किया है और एक को अरैस्ट किया है, जिसमें अजय यादव शामिल है। अखिलेश यादव ने जब मुद्दे को लेकर प्रश्न उठाया तो उत्तर प्रदेश पुलिस ने लूटकांड का सीसीटीवी फुटेज भी जारी कर दिया।
किस जाति के सबसे अधिक लुटेरे मुठभेड़ में मारे गए
यूपी पुलिस द्वारा सोमवार को मुठभेड़ करने के बाद अबतक कुल 208 मुठभेड़ हो गए, जिसमें लुटेरे की मृत्यु हुई है। इनमें सबसे अधिक 66 क्रिमिनल मेरठ जोन के मारे गए हैं। वहीं वाराणसी जोन में 21 और आगरा जोन में कुल 16 क्रिमिनल ढेर हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक जो है सबसे अधिक मुसलमान क्रिमिनल मारे गए हैं, जिनकी संख्या 67 है। वहीं ब्राह्मण जाति के 20 अपराधी, ठाकुर जाति के 18 क्रिमिनल और यादव जाति के 16 क्रिमिनल ढेर किए गए।
अनुज पर रखा गया था 1 लाख का इनाम
उन्नाव जनपद के अचलगंज थाना के बेथर में सोमवार तड़के उत्तर प्रदेश STF की लखनऊ यूनिट और क्षेत्रीय पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में डकैत अनुज प्रताप सिंह के सिर में गोली लगी। उसे जिला हॉस्पिटल ले जाय गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारे गए लुटेरे के ऊपर एक लाख का पुरस्कार घोषित था।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अब तक किये 208 एनकाउंटर
मार्च 2017 से अब तक एसटीएफ ने 50 माफिया, शातिर अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया। एसटीएफ ने अबतक कुल 872 लुटेरों को अरैस्ट कर कारावास भेजा है। इसके अतिरिक्त 7015 से अधिक इनामी अपराधियों को अरैस्ट किया गया है। एसटीएफ ने 559 से अधिक वारदातें होने से पहले ही रोक ली और षड्यंत्र रचने वालों को अरैस्ट किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक करने में भी 926 को अरैस्ट किया। 379 साइबर अपराधियों को भी कारावास भेजा।

