उत्तर प्रदेश

अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर लगभग शून्य है सुरक्षा व्यवस्था, एक ही महीने में दिखाई दिया ये नजारा

अयोध्या-रायबरेली नेशनल हाईवे पर सड़क हादसों का सिलसिला जारी है. छुट्टे मवेशी और अपर्याप्त लाइटिंग प्रबंध इन हादसों की मुख्य वजह बन रही है. 1 माह के भीतर करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल होकर जिला हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज जा चुके हैं वहीं करीब पांच लोगों की मृत्यु भी हुई है.

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जानकारी के अनुसार बीते शनिवार रात को इनायत नगर कोतवाली क्षेत्र में दो बड़े हादसे हुए थे. पहले हादसे में गुजरात से अयोध्या दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की कार हाईवे पर खड़े सांड से टकरा गई. सांड की मृत्यु हो गई और कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. एयरबैग खुलने से कार सवार सभी लोग बच गए. इस भिड़न्त के बाद पीछे से आ रहे तीन बाइक सवार भी आपस में टकरा गए. उन्हें हल्की चोटें आईं.

दूसरी घटना में एक ट्रेलर ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए एक मकान से जा टकराया. मौके पर पहुंची पुलिस की जीप को एक अन्य ट्रेलर ने भिड़न्त मार दी. इस हादसे में उपनिरीक्षक उत्कर्ष समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए. उपनिरीक्षक की गंभीर हालत के चलते उन्हें लखनऊ रेफर किया गया. पुलिस कर्मियों का जिला हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है.

हाईवे के गैर-बाजार क्षेत्रों में लाइटिंग की प्रबंध नहीं है. डिवाइडर पर सामने से आने वाली गाड़ियों की लाइट को रोकने का भी कोई व्यवस्था नहीं है. इससे वाहन चालकों को मवेशियों का पता नहीं चलता और हादसे होते हैं.

स्थानीय लोगों ने छुट्टा मवेशियों को नियंत्रित करने, लाइटिंग प्रबंध सुधारने और डिवाइडर पर सुरक्षा तरीका करने की मांग की है. ऑफिसरों की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

एक हफ्ते पूर्व बाजार के पास एक बाइक सवार जो जगदीशपुर जा रहा था उसकी बाइक सेंड से टकरा गई थी और गंभीर रूप से घायल हो गया था क्षेत्रीय लोगों ने उसे प्राइवेट डॉक्टर के पास उपचार कराया था. उसके बाद जा सका. रामगंज विद्यालय के पास तीन दिन पूर्व हाईवे कट होने के चलते दो बाईकों में आमने-सामने भिड़न्त हो जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे सभी को उपचार के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया गया था.

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