नमाज से पहले अलर्ट मोड पर है बरेली, सख्ती से गश्त लगा रहे हैं RAF, PAC और पुलिस के 10 हजार जवान
जुमा की नमाज से पहले बरेली छावनी में परिवर्तित कर दिया गया है. पुलिस-प्रशासन की ओर से हाई अलर्ट जारी किया गया है. शहर को चार सुपर जोन और चार स्पेशल जोन में बांटा गया है. पुलिस-पीएसी और आरएएफ के 10,000 जवान तैनात किए गए हैं.
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बरेली में इंटरनेट बंद है. 2 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे से बंद हुआ नेट अब 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे प्रारम्भ होगा. इससे पहले 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद 60 घंटे तक इंटरनेट बंद रखा गया था. लखनऊ से गृह सचिव गौरव दयाल ने यह आदेश जारी किया.
बरेली के अफसरों की मानें, तो खुफिया इनपुट हैं कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन होने की संभावना है. बताया जा रहा है कि अराजक तत्व स्त्रियों और बच्चों को आगे करके माहौल खराब कर सकते हैं. हालांकि, जो आदेश लखनऊ से जारी हुआ, उसमें नेट बंद करने को लेकर कोई साफ कारण नहीं लिखा गया.
शहर के हर चौराहे और गलियों में फोर्स तैनात
शहर की हर गली मोहल्ले में फोर्स तैनात कर दी गई है. हर मस्जिद और मदरसे के बाहर फोर्स तैनात है. पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी शहर में लगातार भ्रमण कर रहे हैं. टीमें सुबह से ही संवेदनशील इलाकों के मकानों की छतों की तलाशी ड्रोन से कर रही हैं. प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है.
10 हजार पुलिसकर्मी तैनात
करीब 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं. सबसे अधिक फोर्स खलिल तिराहे पर लगाई गई है. जहां पर शुक्रवार को अत्याचार की आरंभ हुई थी. नौमहला मस्जिद, जामा मस्जिद, दरगाह आला हजरत, शहदाना बली समेत सभी मस्जिदों के बाहर फोर्स तैनात है. श्यामगंज चौराहे पर भी काफी फोर्स तैनात की गई है.
तौकीर रजा के आवाहन पर जुटी थी भीड़
IMC प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने आई लव मोहम्मद पोस्टर टकराव को लेकर धरना प्रदर्शन करने की अपील की थी. जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे.

