उत्तर प्रदेश

हाथरस के भोले बाबा ने अपनी निजी सुरक्षा व्यवस्था में बनाई थी नारायणी सेना

हाथरस में हुए भयावह हादसे में मरने वालों की संख्या 120 के पार जा चुके है. सत्संग में हुई भगदड़ के कारण इनकी मृत्यु हुई है. सत्संग का आयोजन करने वाले स्वयंभू संत भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि का अब तक कुछ भी पता नहीं लग पाया है. हालांकि, अब इस मुद्दे में एक के बाद एक कई नए खुलासे हो रहे हैं. अब पता लगा है कि बाबा ने अपनी निजी सुरक्षा प्रबंध बनाई थी और सुरक्षाकर्मियों को नारायणी सेना नाम दिया था.

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जानें बाब की नारायणी सेना को

जानकारी के मुताबिक, बाबा ने अपनी सुरक्षा के लिए  स्त्री और पुरुष गार्ड रखे थे. बाबा ने इन सुरक्षाकर्मियों को नारायणी सेना नाम दिया था. ये सेना आश्रम से लेकर प्रवचन स्थल तक बाबा की सेवा करती थी. बाबा ने अपने सेवादारों को ही अपनी सुरक्षा में रख लिया था. सुरक्षा में लगे सेवादार एक तरह का ड्रेस कोड भी पहनते थे.

स्वयंसेवकों के हाथ में पूरी व्यवस्था

भोले बाबा के सत्संग में पूरी व्यवस्थाएं स्वयंसेवकों के हाथ में ही होती है. उसके जाने से पहले ही स्वयंसेवक कार्यक्रम स्थल पर पहुंच जाते हैं. बाबा के बहुत से शिष्य पुलिस में हैं. वे सत्संग के समय पर छुट्टी लेकर आते हैं और बाबा की फ्लीट को वे एस्कॉर्ट करते हैं. प्रवचन स्थल तक बाबा के लिए अलग से एक रास्ता भी बनाया गया था. इस मार्ग पर बाबा का काफिला ही निकलना था. इसके अतिरिक्त किसी को जाने की अनुमति नहीं थी.

बाबा की तलाश जारी

बाबा की तलाश में कई जगहों पर लगातार पुलिस की दबिश जारी है. बदायूं, फर्रुखाबाद, हाथरस, अलीगढ़, कासगंज, एटा सहित करीब 8 जगहों पर दबिश दी जा रही है. इस सम्मेलन का आयोजन मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति की ओर से किया गया था. इस समिति की ओर से सम्मेलन के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) थे. उनके साथ मुख्य कर्ता धर्ता में महेश चंद्र, अनार सिंह, संजू यादव, चंद्रदेव और रामप्रकाश आदि शामिल हैं.

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