हाथरस भगदड़ की SIT जांच रिपोर्ट में भोले बाबा का नाम नहीं
हाथरस . हाथरस के सिकंदराराऊ में बीते दिनों सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 121 लोगों की मृत्यु और बड़ी संख्या में घायलों की जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट आग गई है. इसमें बड़े ऑफिसरों को गुनेहगार ठहराया गया है, लेकिन रिपोर्ट में भोले बाबा का नाम नहीं है.

एसआईटी की रिपोर्ट में भोले बाबा के नाम का जिक्र नहीं किए जाने पर पीड़ित परिवारों में गुस्सा है. एक मृतक स्त्री के बेटे विनोद कुमार ने बोला कि हम एसआईटी जांच से संतुष्ट नहीं हैं. हम इस घटना के लिए बाबा और वहां उपस्थित कर्मचारियों को गुनेहगार मानते हैं. हादसे के बाद भी बाबा वापस नहीं लौटे और उन्होंने किसी भी परिवार का हाल नहीं जाना. जिन छह ऑफिसरों पर कार्रवाई की गई है, वह केवल लीपापोती के लिए किया गया है. शासन-प्रशासन की बाबा के साथ मिलीभगत है. इसलिए बाबा के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
वहीं, एक स्त्री ने बोला कि हम एसआईटी जांच से खुश नहीं है. हम केवल न्याय चाहते हैं और इस तरह के पाखंड पर रोक लगाने की मांग करते हैं. इस घटना के बाद न तो बाबा ने किसी तरह की सहायता की, न ही उनका कोई कर्मचारी पीड़ित परिवारों से मिलने आया. हमारी गवर्नमेंट से केवल इतनी ही मांग है कि बाबा को अरैस्ट कर हमें न्याय दिलाया जाए.
उधर, एक अन्य स्त्री ने बोला कि बाबा की गिरफ्तारी होनी चाहिए और उनके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. एफआईआर में बाबा का नाम नहीं होने का सबसे अधिक दुख है, क्योंकि इतना बड़ा दुर्घटना हो गया और अब तक बाबा के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने आगे बोला कि हम पाखंडी बाबा का बहिष्कार करते हैं और किसी भी तरह के सत्संग का आयोजन नहीं होना चाहिए.
वहीं, कुछ परिवारों ने एसआईटी जांच में बाबा का नाम न होने पर खुशी जताई है. उनका बोलना है कि सारी जिम्मेदारी प्रशासन की थी, इसमें बाबा का कोई हाथ नहीं था. वही, एक परिवार का बोलना है कि बाबा को इतना बड़ा दुर्घटना होने के बाद रुकना चाहिए था और जानना चाहिए था कि कितने भक्तों की मृत्यु हुई और कितने घायल हुए. गवर्नमेंट से अब तक केवल दो लाख रुपए की सहायता मिली है.

