मिशन 2027 के लिए नए-नए पैतरे आजमा रही है बीजेपी, अखिलेश के इरादों पर फिर से फिरेगा पानी
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी प्रारम्भ कर दी है। इसके लिए भाजपा ने त्रिस्तरीय चुनावी योजना बनाई है। इसमें सीटों को तीन श्रेणियों A, B और C ग्रेड में बांटा गया है। अपनी इस खास रणनीति से भाजपा सपा और कांग्रेस पार्टी गठबंधन को चारों खाने चित करने की तैयारी में है। दरअसल, भाजपा थिंक टैंक ने उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर 2022 के चुनाव परिणामों के आधार पर यह चक्रव्यूह रची है।

A ग्रेड में वे सीटें हैं जो भाजपा ने 8 से 10 हजार वोटों के अंतर से जीती हैं। ऐसी 25 से अधिक सीटें चिन्हित की गई हैं। B ग्रेड में वे सीटें हैं जिन्हें भाजपा ने 1 से 7 हजार वोटों के अंतर से जीता है। खासकर, 1 से 5 हजार वोटों के अंतर वाली सीटों पर प्रत्याशी बदलने और नयी रणनीति अपनाने की योजना है। C ग्रेड में वे सीटें हैं जो भाजपा 2022 में हारी थी लेकिन उपचुनाव में जीती हैं, जैसे कुंदरकी, मिल्कीपुर, रामपुर। ऐसी 133 सीटें हैं। बीजेपी ने सबसे पहले 2022 में हारी हुई C ग्रेड सीटों पर 300 कार्यकर्ताओं की टीम तैनात कर दी है। हर विधानसभा सीट पर प्रवासी कार्यकर्ताओं को भी तैनात किया गया है।
इन सीटों पर बदले जाएंगे प्रत्याशी
5 हजार से कम अंतर वाली सीटों पर प्रत्याशियों के टिकट बदलने की योजना है। ऐसी 25 सीटें हैं जहां जातीय समीकरण भाजपा के पक्ष में रहा लेकिन प्रत्याशी कम अंतर से हार गए या 5 हजार वोटों से विपक्षी उम्मीदवार जीत पाए। हारी हुई 158 सीटों पर कुल 47,000 दक्ष कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई है। भाजपा ने 158 सीटों पर बड़े नेताओं के दौरे और संगठनात्मक बैठकों की रणनीति बनाई है।
इन सीटों पर अल्पसंख्यक मोर्चे की तैनाती
चुनौतीपूर्ण सीटों पर महामंत्री संगठन धर्मपाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने दौरे प्रारम्भ कर दिए हैं। जल्द ही इन सीटों पर दोनों डिप्टी सीएम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंत्रियों के दौरे भी प्रारम्भ होंगे। 100 सीटें ऐसी हैं जहां मुसलमान वोट बैंक निर्णायक है। इसके लिए भाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चे की टीम तैनात कर दी है। अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष बासित अली ने इन सीटों पर दौरे भी प्रारम्भ कर दिए हैं।

