लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाना है. उत्तर प्रदेश में इसे लेकर घमासान चल रहा है. कोई इसके समर्थन तो कोई इसे अस्वीकार करने की बात कह रहा है. बीजेपी नेता मोहसिन रजा ने वक्फ संसोधन बिल लाने के लिए पीएम का आभार व्यक्त किया. उन्होंने बोला कि यह पिछड़े और अतिपिछड़े मुसलमानों के लिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से सबसे बड़ी ‘ईदी’ होगी.
वहीं संभल से सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने वक्फ बिल पर बोला कि हम पहले से ही इस विधेयक के विरुद्ध हैं. जब यह विधेयक पहली बार सदन में लाया गया था, तब हमारी पार्टी और हमारे नेता अखिलेश यादव ने इसका पुरजोर विरोध किया था. इस विधेयक का विरोध करने का कारण यह नहीं है कि इसे भाजपा-एनडीए गवर्नमेंट ला रही है, हम इस विधेयक का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इस विधेयक में कई ऐसी बातें हैं जो हमारे लोगों के अधिकारों को छीन रही हैं.
बर्क ने आगे बोला कि जब गवर्नमेंट ने इसे जेपीसी के पास भेजा था, तो हमें थोड़ी आशा थी कि शायद इसमें जो कमियां हैं, उन्हें दूर कर लिया जाएगा, लेकिन यह महज औपचारिकता थी. रिपोर्ट भी उनकी मर्जी के अनुसार ही पेश की गई. जब यह विधेयक सदन में आएगा, तो हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे. गवर्नमेंट के पास भले ही बहुमत का आंकड़ा हो, लेकिन उसके सहयोगी जानते हैं कि यदि उन्होंने इस विधेयक का समर्थन किया, तो आने वाले समय में उन्हें बहुत हानि उठाना पड़ेगा. इसलिए हम चाहते हैं कि गवर्नमेंट तानाशाही करना बंद करे और इस विधेयक को वापस ले.