उत्तर प्रदेश
बसपा मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सागर को किया निष्कासित
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने एक अजीब कदम उठाते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सागर को निष्कासित कर दिया है. कहा जा रहा है कि सुरेंद्र सागर ने अपने बेटे की विवाह सपा (सपा) विधायक की बेटी से कर दी थी. सुरेंद्र के बेटे अंकुर की विवाह समाजवादी पार्टी विधायक त्रिभुवन दत्त की बेटी कुसुम दत्त से हुई. बीएसपी के बरेली मंडल में एक प्रमुख आदमी सुरेंद्र सागर पांच बार रामपुर के जिला अध्यक्ष रहे और कैबिनेट मंत्री के बराबर पद पर रहे. जबकि, बीएसपी के पूर्व विधायक त्रिभुवन दत्त अब अंबेडकर नगर के अलापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के दत्त के आवास पर जाने के बाद विवाह ने और अधिक ध्यान आकर्षित किया था. हालाँकि, पार्टी ने सागर के निष्कासन के लिए “पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासन का हवाला दिया. पार्टी के आरोपों के उत्तर में सुरेंद्र सागर ने दावों का खंडन करते हुए बोला कि उनकी गलती केवल इतनी थी कि उनके बेटे की विवाह समाजवादी पार्टी नेता के परिवार में हुई थी. उन्होंने कहा कि विवाह 27 नवंबर को थी और रिसेप्शन 3 दिसंबर को था. सागर ने आगे बोला कि उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ-साथ मायावती को भी आमंत्रित किया.
उन्होंने खुलासा किया कि 2 दिसंबर को पार्टी समन्वयक ने पार्टी प्रमुख से मुलाकात की और उनके बेटे की विवाह के बारे में चर्चा की. सागर ने दावा किया कि बैठक में मायावती के सलाहकार ने एक समाजवादी पार्टी नेता के कार्यक्रम में बीएसपी नेताओं के शामिल होने पर चिंता जताई. काफी विचार-विमर्श के बाद कथित तौर पर मायावती ने पार्टी नेताओं को विवाह में शामिल होने से इंकार कर दिया, लेकिन कई नेता कार्यक्रम में शामिल हुए.
बाद में पार्टी के जिला अध्यक्ष ने कम्पलेन भेजी कि मायावती के इंकार करने के बावजूद लोग रिसेप्शन में शामिल हुए और परिणामस्वरूप, मायावती ने सागर को निष्कासित कर दिया. सागर ने कहा, ”मैंने कोई अनुशासनहीनता नहीं की है. मेरा एकमात्र कार्य अपने बेटे अंकुर की विवाह समाजवादी पार्टी विधायक त्रिभुवन दत्त की बेटी से करना था.” मुद्दे के तूल पकड़ते ही पार्टी प्रमुख ने निर्णय पर सफाई देते हुए बोला कि सुरेंद्र सागर और पार्टी के एक अन्य नेता प्रमोद कुमार के बीच लगातार टकराव चल रहे थे, जिससे पार्टी को हानि हो रहा था. इसके चलते दोनों नेताओं को निष्कासित कर दिया गया और इसका विवाह से कोई लेना-देना नहीं है.