बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण का होगा गठन
योगी कैबिनेट ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए बोर्ड गठन और जमीन खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई इस बैठक में इससे सबंधित औद्योगिक विकास विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही कुल 15 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। इसमें धान खरीद नीति को भी स्वीकृति मिल गई। 14 शहरों में 740 नयी एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाने, नगर निकायों में आकांक्षी योजना लागू करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। आकांक्षी योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। 
कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और सुरेश खन्ना ने कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिसवालों का मोटरसाइकिल भत्ता 100 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। बुंदेलखंड को राष्ट्र के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए योगी आदित्यनाथ गवर्नमेंट बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण का संस्थागत ढांचा तैयार कर रही है। गवर्नमेंट चाहती है कि पिछले 47 सालों में जिस तरह नोएडा प्राधिकरण ने प्रगति की वहां तक बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण एक छलांग में पहुंच जाए। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के भीतर 16,565 हेक्टेयर (40,915 एकड़) भूमि का विकास किया जाएगा। इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है।
यह जमीन झांसी के 33 गांवों से अर्जित की जाएगी। भूमि अर्जन की प्रक्रिया छह महीने के अंदर पूरी करने लेने लक्ष्य है। इन जमीनों का सर्वेक्षण किया गया था जिसमें पाया गया कि ये जमीन वस्त्र, सिरेमिक, खाद्य प्रसंस्करण, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन सुविधाओं जैसे उद्योगों को स्थापित करने के लिए ठीक रहेगी। योजना के पहले चरण में 13 गांवों की 6,115 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण और विकास किया जाएगा।
कहां है जमीन
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए चिन्हित की गई जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के पास है। यह डिफेंस कारिडोर के झांसी नोड से 70 किलोमीटर की दूरी पर है। चित्रकूट नोड से इसकी दूरी 222 किलोमीटर, कानपुर से 210 किलोमीटर, लखनऊ से 285 किलोमीटर और ग्वालियर से 55 किलोमीटर है।

