बड़ी दुर्घटना का शिकार हुई बारातियों से भरी बस
मुज़फ़्फ़रनगर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर मंगलवार करीब 12 बजे एक भयावह दुर्घटना हुआ, जब बारातियों से भरी एक बस बाइक सवार दंपति को बचाने के कोशिश में पलट गई. इस हादसे में दर्जनों बाराती घायल हो गए. दुर्घटना शिवा ढाबा के पास हुआ, जो हाईवे पर स्थित एक प्रमुख जगह है

असंतुलित होकर डिवाइडर से टकराई बस
चश्मदीदों के मुताबिक, बारातियों से भरी बस उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर थाना क्षेत्र के राइशी गांव से मुज़फ़्फ़रनगर के छपार थाना क्षेत्र के दतियाना गांव आ रही थी. जैसे ही बस शिवा ढाबा के पास पहुंची, अचानक बाइक सवार दंपति आ गए, जिनके साथ एक मासूम बच्चा भी था. चालक ने बाइक सवारों को बचाने के लिए अपनी ओर से पूरी प्रयास की, लेकिन बस असंतुलित हो गई और डिवाइडर से टकराते हुए सड़क पर पलट गई. इस अचानक हुए हादसे ने बस में सवार बारातियों को हिला कर रख दिया.
मौके पर चीख-पुकार मची
बस के पलटते ही घायलों की चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और आसपास के लोगों ने तुरंत सहायता के लिए हाथ बढ़ाए और पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य प्रारम्भ किया. सीओ सदर राजू कुमार साव भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने राहगीरों और आसपास के लोगों की सहायता से बस से घायलों को बाहर निकाला. घायलों को नजदीकी सीएचसी समेत ज़िला हॉस्पिटल मेंपहुंचाया गया जहां उन्हें इलाज दिया जा रहा है.
घायलों में बाराती और चालक भी शामिल
हादसे में गौरव, गोपाल, सुशील, जसवीर, अतुल, कर्मसिंह, विजयपाल, रणवीर, अंकुर और सौरभ समेत दर्जनों बाराती घायल हो गए हैं. इसके अतिरिक्त बस के चालक और अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं. पुलिस ने कुछ घायलों की पहचान कर ली है और बाकी की कर रही है.
हरिद्वार से मुज़फ़्फ़रनगर आ रही थी बारात
यह दुर्घटना उस समय हुआ, जब बारात हरिद्वार जिले के राइशी गांव से मुज़फ़्फ़रनगर के दतियाना गांव आ रही थी. इस यात्रा में शामिल लोग खुशी-खुशी अपने घरों से बारात लेकर मुज़फ़्फ़रनगर आ रहे थे, लेकिन हादसे ने खुशी को ग़म में बदल दिया.
राहत कार्य जारी
सीओ सदर राजू कुमार साव का बोलना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही राहत कार्य भी लगातार जारी है, ताकि अन्य घायल लोगों की सहायता की जा सके. उन्होंने कहा कि ‘अभी घायलों की संख्या बता पाना संभव नहीं है. सबसे पहले घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुंचाना ज़रूरी है.

