यूपी में 9 विधानसभा सीटों पर होगी उपचुनाव
UP Assembly Bypolls 2024: लोकसभा चुनाव 2024 खत्म हो चुके हैं. नतीजों की घोषणा के बाद अब सबकी नजरें विधानसभा के उपचुनाव पर टिकी है. अगले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा की सीटों पर उपचुनाव होगा. उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से इण्डिया ब्लाॅक 43 और एनडीए को 36 सीटें मिलीं थी. 37 सीटें जीतकर समाजवादी पार्टी विपक्ष में कांग्रेस पार्टी के बाद सबसे अधिक सीटों वाली पार्टी बन गई है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी भी विधानसभा उपचुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है. वहीं बीजेपी ने 33 सीटों पर जीत दर्ज की. जबकि 2 सीटें रालोद और 1 सीट पर अपना दल की अनुप्रिया पटेल जीत दर्ज करने में सफल रही.
सपा ने इस चुनाव में जमकर अपने विधायकों पर दांव खेला था जोकि सफल भी रहा. ऐसे में अब सांसदी या विधायकी में किसी एक सीट को चुनने के बाद वहां पर उपचुनाव होना तय है. समाजवादी पार्टी और भाजपा ने इस बार 9 विधायकों को चुनावी मैदान में उतारा था. इसके अतिरिक्त सीसामऊ सीट पर भी खाली होने जा रही है क्योंकि यहां से समाजवादी पार्टी विधायक इरफान सोलंकी को आगजनी के एक मुद्दे में सात वर्ष की कारावास हुई थी.
इन सीटों पर होगा उपचुनाव
सीसामऊ- यहां से समाजवादी पार्टी विधायक इरफान अंसारी के कारावास जाने से उपचुनाव होंगे.
मिल्कीपुर- समाजवादी पार्टी विधायक अवधेश प्रसाद फैजाबाद से सांसद चुने गए.
करहल- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव कन्नौज से सांसद चुने गए.
कठेरी- लालजी वर्मा अंबेडकरनगर सीट से सांसद चुने गए हैं.
कुंदरकी- जिया उर रहमान संभल से सांसद चुने गए.
खैर- योगी गवर्नमेंट में मंत्री अनूप प्रधान हाथरस से सांसद चुने गए.
फूलपुर- प्रवीण निषाद से सांसद चुने गए.
गाजियाबाद- अतुल गर्ग सांसद चुने गए.
इधर कांग्रेस पार्टी ने भी ठोकी दावेदारी
बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में ज्यादातर सीटों पर जंग समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच थी. ऐसे में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 6 सीटें जीतने के बाद पार्टी ने कुछ सीटों पर विधानसभा का उपचुनाव लड़ने की ख़्वाहिश जताई है. भारतीय एक्सप्रेस की मानें तो कांग्रेस पार्टी के क्षेत्रीय वरिष्ठ नेता ने बोला कि हम विधानसभा के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ कुछ सीटों पर गठबंधन करेंगे. लोकसभा चुनाव में गठबंधन सफल हुआ है ऐसे में हम चाहते है कि गठबंधन आगे बढ़े. यदि ऐसा संभव नहीं होता है तो हम अकेले ही चुनाव लड़ेंगे.

