उत्तर प्रदेश

पकड़ा गया फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने वाला अभ्यर्थी

नोएडा में आरक्षी सीधी भर्ती -2023 की डीवी/पीएसटी की प्रक्रिया चल रही है. इस प्रक्रिया में अभ्यर्थी के जगह पर फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर एक आरक्षी स्वयं आया था जो डॉक्यूमेंट्स जांच में पकड़ा गया. पुलिस ने उसे अरैस्ट किया. साथ ही उसके तीन अन्य साथियों को भी अरैस्ट किया गया. इन चारों को कोर्ट के सामने पेश किया गया. वहां से चारों को कारावास भेजा गया.

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पुलिस ने कहा कि रिजर्व पुलिस लाइन गौतमबुद्धनगर में यूपी पुलिस आरक्षी सीधी भर्ती-2023 की डीवी/पीएसटी की प्रक्रिया चल रही है. 30 दिसंबर को एक अभ्यर्थी अभय सिंह प्रक्रिया में शामिल होने आया था. जब बोर्ड द्वारा उक्त अभ्यर्थी के शैक्षणिक और अन्य प्रपत्रों की जांच, ई केवाईसी जांच की तो उनको संदेह हो गया.

जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी वास्तव में वास्तविक नहीं है. बल्कि वह किसी और के नाम पर यहां शामिल होने आया था. उसने फर्जी ढंग से नाम, जन्मतिथि, बदलकर फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार किए थे. कठोरता से पूछताछ की गई. ऐसे में उसका असली नाम अरविंद कुमार, निवासी सरधना जनपद मेरठ के रूप में हुई. जो कि वर्तमान में पीए‌सी की 36वीं वाहिनी वाराणसी में आरक्षी के पद पर नियुक्त है.

इस संबंध में 31 दिसंबर 2024 को थाना इकोटेक-3 पर धारा 318(2,) 318)(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस और 13 उप्र संशोधित परीक्षा अधिनियम के अनुसार केस दर्ज करते हुए अरविंद को अरैस्ट किया गया. पूछताछ में उसने तीन और लोगों के शामिल होने की बात बताई. जिसके बाद तीन और साथियों विशाल सोम, तुषार और अंकित को मेरठ से अरैस्ट किया गया. इन चारों को कोर्ट के सामने पेश किया गया.

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