अस्पताल में गंदगी पर महिला सीएमएस से स्पष्टीकरण तलब
हाथरस सीडीओ साहित्य प्रकाश मिश्र ने 18 मई को शहर के बागला संयुक्त जिला हॉस्पिटल और जिला स्त्री हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान हॉस्पिटल परिसर में गंदगी मिलने पर सीएमएस डाक्टर पुष्प लता से स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं, बिना वर्दी के ड्यूटी करते गार्ड के मिलने पर नाराजगी जाहिर की.

सीडीओ ने हॉस्पिटल में डॉक्टरों की नाम पट्टिका लगवाने, सीटी स्कैन में डॉक्टर की तैनाती करने, पर्चा काउंटर पर यूपीएस सिस्टम लगवाने, एक्सपायर दवाओं को नष्ट करने के निर्देश दिए. स्त्री अस्पताल में एसएनसीयू कक्ष में तैनात डॉक्टर डाक्टर अनूप आकस्मिक अवकाश पर बताए गए, लेकिन उनके जगह पर किसी भी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं मिली. मुख्य चिकित्सा अधीक्षक इस संबंध में कोई उत्तर नहीं दे सकीं. वार्डों की सफाई संतोषजनक नहीं मिली. कई स्थान पीक के निशान मिले, कहीं भी थूकना इंकार है जैसे स्लोगन नहीं मिले. बाथरूम काफी गंदे मिले.
इस पर सीडीओ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण मौजूद कराने को बोला है. गार्ड के वर्दी में नहीं होने पर संबंधित कंपनी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. जनरेटर संचालन की लॉग बुक बनाने के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान सर्जन डाक्टर सुनीता त्रिपाठी 10 मई से लगातार गैरहाजिर पाई गईं. क्लीनीकल साइक्लोजिस्ट ललित कुमार, वार्डब्वॉय कृपाशंकर, पवन कुमार, सफाईकर्मी महेश कुमार गैरहाजिर मिले.
10 सालों से बंद बंद कमरे का ताला खुलवाने के निर्देश
हाथरस सीएमओ कार्यालय में निरीक्षण के समय डीपीएम बलवीर वर्मा अनुपस्थित थे. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिला प्रबंधन इकाई के कार्यालय के लिए निर्धारित हाल जो कार्यालय में द्वितीय तल पर है, उस कक्ष में लगभग 10 सालों पूर्व एनएचएम योजना से खरीदा गया सामान भरा है. जिसका चार्ज पूर्व में तैनात वरिष्ठ सहायक एमके अग्निहोत्री के पास है, जो दो साल पूर्व बहराइच जनपद के लिए स्थानांतरित हो चुके हैं. कक्ष का ताला तुड़वाने के लिए समिति का गठन कर अभिलेखीकरण कराने का निर्देश दिया.
सीएमओ कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर आकाश वर्मा, सौरभ, कप्तान सिंह, सहायक प्रबंधक गुंजन कुमार सहायक प्रबन्धक, गाड़ी चालक धर्मेन्द्र कुमार, मलेरिया निरीक्षक प्रीति सिंह सेंगर, नीतू सिंह, त्रिलोक चंद्र शर्मा, रवेंद्र प्रताप सिंह गैरहाजिर मिले. सीडीओ ने सभी गैरहाजिर कर्मचारियों का एक दिन का वेतन और मानदेय रोकने के निर्देश जारी किए हैं.

