कमिश्नर संजय सिंह ने 15वीं मंजिल से कूदकर दी जान
नोएडा में जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर संजय सिंह ने 15वीं मंजिल से कूदकर सोमवार को जान दे दी. पुलिस ने दावा किया कि कैंसर की लास्ट स्टेज पर थे. इस वजह से डिप्रेशन में आकर उन्होंने जान दी. हालांकि, इन दावों को पत्नी और चचेरे भाई ने खारिज कर दिया है.

पत्नी अर्पणा और चचेरे भाई धनंजय सिंह ने कहा- कुछ दिन पहले संजय सिंह (59) को विभाग में अतिरिक्त चार्ज मिला था. इसके बाद से वो लगातार परेशान चल रहे थे. परिजनों ने बोला कि सोमवार सुबह संजय ने अपने बॉस से सेक्टर-2 का अतिरिक्त चार्ज हटाने का अनुरोध किया था. जिसे बॉस ने नहीं सुना. इसी बात को लेकर वो टेंशन में थे. काम के दबाव में थे, अतिरिक्त चार्ज से खुश नहीं थे.
संजय सिंह पत्नी और दोनों बेटों के साथ.
पत्नी बोलीं- कैंसर से पूरी तरह ठीक हो चुके थे पत्नी अर्पणा ने कहा- वो कैंसर से उबर चुके थे. कैंसर जैसी रोग को उन्होंने भली–भाँति लड़ा. घटना का कारण कैंसर नहीं हो सकता. उनकी सुसाइड के लिए प्रबंध उत्तरदायी है. इसके लिए हमें लड़ना पड़ेगा.
चचेरे भाई धनंजय सिंह ने बताया- संजय को 10 वर्ष पहले प्रोटेस्ट कैंसर हुआ था. वो पूरी तरह से ठीक हो चुके थे. हाल के दिनों में अतिरिक्त चार्ज से परेशान थे. इसलिए मनोदशा खराब थी और वो टूट चुके थे. परिजनों ने कहा कि वो करीब छह वर्ष से सोसाइटी में रह रहे थे.
घटना का सीन जानिए 10 मार्च, सुबह करीब 11 बजे, नोएडा में जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर संजय सिंह ने अपार्टमेंट की 15वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया. गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे. फ्लैट में उपस्थित पत्नी को बुलाया. फिर उनको तुरंत नजदीकी हॉस्पिटल ले गए. वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. संजय सिंह गाजियाबाद में जीएसटी विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात थे. घटना सेक्टर-75 स्थित एपेक्स एथेना सोसाइटी की है. संजय सिंह सोसाइटी के ई-टावर में फ्लैट नंबर 2004 में रहते थे.
चार वर्ष से गाजियाबाद में कार्यरत थे संजय सिंह चार वर्ष से गाजियाबाद जीएसटी विभाग में कार्यरत थे. वर्तमान में वह डिप्टी कमिश्नर उच्चतम न्यायालय वर्क में तैनात थे. साथ ही उनके पास उपायुक्त खंड-2 की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी कुछ दिन पहले मिली थी. संजय सिंह की तैनाती नोएडा में भी रह चुकी है. वह अप्रैल 2026 में रिटायर होने वाले थे.
काली पट्टी बांधकर होगा काम राज्य कर विभाग यूपी के अधिकारी मंगलवार को काली पट्टी बांधकर काम करेंगे. यूपी राज्य कर अधिकारी सेवा संघ ने इसका आह्वान किया है. साथ ही वरिष्ठ अधिकारी संजय सिंह के मृत्यु पर सुबह 11 बजे गौतमबुद्ध नगर समेत 11 जोन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित करेंगे.
संजय का एक बेटा जॉब तो दूसरा पढ़ाई कर रहा पुलिस मुद्दे की जांच कर रही है. सोसाइटी में लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं. फ्लैट से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. परिवार में पत्नी के अतिरिक्त दो बेटे हैं. एक बेटा गुरुग्राम में जॉब करता है, जबकि दूसरा ग्रेटर नोएडा की एक यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा है.
सोसाइटी के लोग बोले- हो सकता है संतुलन बिगड़ गया हो एडिशनल DCP सुमित शुक्ला के मुताबिक, संजय सिंह को सोमवार सुबह अपने ऑफिस जाना था. घर पर पत्नी उपस्थित थीं और उनके दोनों बेटे बाहर थे. सुबह 11 बजे के करीब घटना हुई. संजय सिंह के सिर समेत शरीर के अन्य हिस्से में चोट आई थी.
पुलिस के दावे के अनुसार, वह कैंसर से पीड़ित थे और उनका उपचार चल रहा था. संभावना जताई जा रही है कि रोग से परेशान होकर उन्होंने सुसाइड की हो. वहीं, सोसाइटी के लोगों ने संभावना जताई है कि डिप्टी कमिश्नर का संतुलन बिगड़ गया हो और वह ऊंचाई से नीचे गिर गए हों. एडिशनल DCP सुमित शुक्ला का बोलना है कि कम्पलेन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
अयोध्या में 7 मार्च को प्रदीप पासवान की विवाह थी. विवाह धूमधाम से हुई. 8 मार्च को प्रदीप अपनी पत्नी शिवानी को लेकर घर आया. 9 मार्च को रिसेप्शन होना था. इसलिए परिवार के बाकी लोग दूसरे कामों में जुट गए. प्रदीप और शिवानी खुश थे.
रात में दोनों ने परिवार के बाकी लोगों के साथ खाना खाया. फिर अपने कमरे में चले गए. अगले 4 घंटे में कुछ ऐसा हुआ कि जिसे भी पता चला, वह सन्न रह गया. प्रदीप शिवानी की मर्डर करके सुसाइड कर चुका था. प्रदीप की मां अब शिवानी को कोसती हैं. शिवानी की मां पलटकर उत्तर देने से इंकार करती हैं. पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुछ अलग तथ्य सामने आए हैं.

