उत्तर प्रदेश

एंट्री पर रोक लगने के बाद भी संभल जानें पर अड़ा है कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई अत्याचार के पीड़ित परिवारों से मिलने की प्रयास कर रहे कांग्रेस पार्टी प्रतिनिधिमंडल को लखनऊ प्रशासन ने रोक दिया. लखनऊ पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को नोटिस देकर संभल जाने से इंकार किया. प्रशासन ने संभल में धारा 144 लागू कर रखी है, जिसे अब धारा 163 के अनुसार शांति बनाए रखने के लिए बढ़ा दिया गया है. पुलिस ने अजय राय से जनहित में योगदान की अपील की है और उन्हें अत्याचार प्रभावित क्षेत्र में न जाने को बोला है.

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कांग्रेस के इस दौरे को लेकर लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने देर रात तक बैठक की. कई जिलों से कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी कार्यालय से संभल की ओर जाने वाले मार्गों को सील कर दिया. संभल में 10 दिसंबर तक बाहर से आने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इससे पहले, सपा के नेताओं को भी वहां जाने से रोका गया था. समाजवादी पार्टी ने अत्याचार में मारे गए लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. समाजवादी पार्टी के इस कदम पर भाजपा ने प्रश्न खड़े किए हैं. डिप्टी मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर तुष्टीकरण की राजनीति का इल्जाम लगाया है.

इस बीच, शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई अत्याचार की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने अपनी जांच प्रारम्भ कर दी है. आयोग के दो सदस्य—सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा और पूर्व डीजीपी एके जैन—ने रविवार को संभल का दौरा किया और अत्याचार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. आयोग ने मस्जिद कमेटी के सदस्यों से भी मुलाकात की. अब तक 400 से अधिक लोगों की पहचान की जा चुकी है. तीसरे सदस्य, सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव अमित मोहन, दौरे में शामिल नहीं हो सके.

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