कांग्रेस ने लखनऊ में ‘संगठन सृजन कार्यशाला’ का किया आगाज
उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी की तैयारी में जुटी कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को राजधानी लखनऊ में ‘संगठन सृजन कार्यशाला’ का आगाज किया. कार्यशाला को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बोला हमने जातिगत जनगणना की मांग उठाई,
अब अगला लक्ष्य है आरक्षण की 50% सीमा समाप्त करना और निजी संस्थानों में भी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और गरीबों को आरक्षण दिलाना. उन्होंने साफ़ बोला कि कांग्रेस पार्टी अब 15(5) के अनुसार प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू करवाने को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ेगी.
यूपी केवल एक राज्य नहीं, कांग्रेस पार्टी की आत्मा है
लखनऊ स्थित गांधी भवन के महात्मा गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यशाला में पार्टी ने आनें वाले 100 दिनों के भीतर बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक एक मज़बूत सांगठनिक ढांचा खड़ा करने का घोषणा किया. कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,”दिल्ली का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है. उत्तर प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, कांग्रेस पार्टी की आत्मा है. यही नेहरू और गांधी परिवार की कर्मभूमि रही है. 2024 में उत्तर प्रदेश की किरदार ने इण्डिया गठबंधन की जीत और भाजपा को बहुमत से रोकने में निर्णायक सहयोग दिया.“
बीजेपी पर जमकर बरसे खड़गे
खड़गे ने बोला कि राष्ट्र इस समय बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है. उत्तर प्रदेश की डबल इंजन गवर्नमेंट ने तो लोकतंत्र की मर्यादा की हर सीमा लांघ दी है. पुलिस की बर्बरता हो, या स्त्री सुरक्षा या दलितों-पिछड़ों का उत्पीड़न—योगी गवर्नमेंट की एक ही पहचान है: कानूनी मूल्यों का अपमान.” उन्होंने इल्जाम लगाया कि बीजेपी और आरएसएस डाक्टर अंबेडकर के संविधान से नफरत करते हैं.
“यूपी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता हमारे संगठन के रीढ़ की हड्डी हैं”
खड़गे ने प्रदेश के कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदारी का एहसास कराते हुए कहा–आप केवल जिलाध्यक्ष या कोऑर्डिनेटर नहीं हैं, बल्कि इन्साफ और सच्चाई के योद्धा हैं. आपके त्याग और सरेंडर से ही हम इस लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे मतभेद भुलाकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं.
पवन खेड़ा मीडिया की कार्यप्रणाली पर बोले
कार्यशाला में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा भी उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी की मीडिया संरचना और उसकी कार्यप्रणाली पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला. खेड़ा ने कहा कि यूपी कांग्रेस पार्टी परिवार एक मज़बूत संगठन निर्माण के लिए कृतसंकल्पित है. ये केवल कार्यशाला नहीं, बल्कि जन जोड़ो, जनसंघर्ष और जनविकल्प का संकल्प है.“
गांव–गांव जनसंपर्क अभियान चलाएगी कांग्रेस
कार्यशाला में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित अन्य राष्ट्रीय और प्रादेशिक नेताओं ने कहा कि 5-स्तरीय संगठन सृजन में बूथ, इन्साफ पंचायत, ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर सांगठनिक मज़बूती पर फोकस होगा. 100 दिनों के इस संगठन सृजन अभियान में पार्टी सीधे तौर पर गांव–गांव जनसंपर्क अभियान चलाएगी. दलित, पिछड़े, वंचित समाज की आवाज़ बनेगी.
इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र गुर्जर, नरेंद्र नारवाल, तौकीर आलम, स्त्री कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा—”अगर हमें लोकतंत्र को बचाना है, तो कांग्रेस पार्टी को ताक़तवर बनाना होगा.“
अब समय है खामोशी तोड़ने का, सड़कों पर उतरने का और भाजपा के विरुद्ध हर मोर्चे पर आवाज उठाने का. उन्होंने संगठन सृजन अभियान को “कांग्रेस की नयी लड़ाई का पहला पड़ाव” कहा और बोला कि आने वाले 100 दिन उत्तर प्रदेश की राजनीति की दशा-दिशा तय करेंगे.

चार प्रकोष्ठों ने संभाला मोर्चा, संविधान की रक्षा का लिया संकल्प
कांग्रेस के चार अहम प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय अध्यक्षों सुप्रिया श्रीनेत (सोशल मीडिया चेयरपर्सन), इमरान प्रतापगढ़ी (राज्यसभा सांसद, अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष), डाक्टर जय हिंद (पिछड़ा वर्ग विभाग अध्यक्ष), राजेश लिलोटिया (एससी विभाग अध्यक्ष) ने सोशल मीडिया की ताकत, जातीय न्याय, अल्पसंख्यक सुरक्षा और दलित अधिकार जैसे मसलों को उठाते हुए बोला कि “संगठन सृजन अभियान केवल कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के संविधान और सामाजिक इन्साफ की नींव को फिर से खड़ा करने का कोशिश है.“
कार्यकर्ताओं से बोला कि वे जमीनी स्तर पर सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से भाजपा के विरुद्ध जनमत तैयार करें, और उन लोगों तक पहुंचें, जिनकी आवाज़ सालों से दबाई गई है. कांग्रेस पार्टी विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, वॉर रूम प्रभारी एवं सांसद सैयद नासिर हुसैन ने कहा-“यह कार्यशाला नहीं, 2027 की सत्ता वापसी का संग्राम है — जिसमें हर कार्यकर्ता एक सैनिक है और हर बूथ एक रणक्षेत्र.“

