गोरखपुर चिड़ियाघर में लगातार जानवरों की मौत ने प्रशासन और टीम को बढ़ाई चिंता
गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में पिछले छह महीनों में लगातार जानवरों की मृत्यु ने प्रशासन और टीम को चिंतित कर दिया है. बड़े मांसाहारी जानवरों में शामिल बाघ, तेंदुआ और भेड़िया की मृत्यु के बाद अब बब्बर शेर भरत की भी अचानक मृत्यु ने प्रशासन और चिड़ियाघर टीम को गहरे सदमे में डाल दिया है. बर्ड फ्लू की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सभी ने राहत की सांस ली थी, लेकिन भरत की मृत्यु ने चिड़ियाघर में चिंता का माहौल बना दिया है.

बाघिन मैलानी की स्थिति भी नाजुक
चिड़ियाघर की प्रमुख बाघिन मैलानी की स्थिति बहुत गंभीर है. उसकी दोनों आंखें लगभग 90 फीसदी खराब हो चुकी हैं और किडनी भी गंभीर रूप से प्रभावित है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर योगेश प्रताप सिंह बताते हैं, “मैलानी की उम्र अधिक होने और रोग की वजह से सामान्य इलाज का असर सीमित है.
उन्हें बेहोश करना भी अत्यंत जोखिम भरा है. फिलहाल हमारा ध्यान उनके दर्द को कम करने और आराम सुनिश्चित करने पर केंद्रित है. वान्यजीवों का उपचार हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि वे अचानक धावा कर सकते हैं.”
पिछले छह महीनों में छह जानवरों की मौत
चिड़ियाघर में सबसे पहली मृत्यु 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की हुई थी. इसके बाद पांच मई को भेड़िया भैरवी, सात मई को बाघिन शक्ति, आठ मई को तेंदुआ मोना की मृत्यु हो गई. इनका नमूना जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भोपाल भेजा गया था. 13 मई को शक्ति और भैरवी में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई. इसके बाद से चिड़ियाघर को दर्शकों के लिए बंद कर दिया.
इसी बीच बाघ पटौदी की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए कानपुर भेजा गया. वहां उसकी मृत्यु हुई और बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई. इसके बाद कानपुर चिड़ियाघर को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया. गोरखपुर चिड़ियाघर में 23 मई को हुई जांच में बाघिन मैलानी, तेंदुआ के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और कॉकटेल पक्षी में संक्रमण पाया गया. इसी दिन कॉकटेल की भी मृत्यु हुई.
गोरखपुर चिड़ियाघर में उपस्थित जानवरों की सूची
मांसाहारी (Carnivores):
• एशियाई शेर: 1
• बाघ: 3
• तेंदुआ: 12
• हाइना: 3
• भेड़िया: 2
• जंगल बिल्ली: 1
• सियार: 2
• लोमड़ी: 1
शाकाहारी (Herbivores): • गैंडा: 2 • दरियाई घोड़ा: 3 • हिरण की प्रजातियाँ: 6 • एल्क • काले भालू: 2 • हिमालयन भालू: 2
बंदर और अन्य: • बंदर की प्रजातियाँ: 3 • मोर: 3 • तोता: 25 • कॉकटेल: 30 • कछुआ: 15 • मगरमच्छ: 10 • घड़ियाल: 2 • साँप: 15
चिकित्सा टीम की सतत निगरानी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर योगेश प्रताप सिंह ने कहा- चिड़ियाघर में सभी संभव व्यवस्थाएं की जा रही हैं. हमारी अहमियत बचे हुए जानवरों की सुरक्षा, संक्रमण से बचाव और नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना है. बब्बर शेर भरत की मृत्यु हमारी टीम और पूरे चिड़ियाघर के लिए गहरा दुख है, लेकिन हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि अन्य जानवर सुरक्षित रहें.

