बारिश-तूफान से नष्ट हो गईं फसलें, किसानों को मिलेगा मुआवजा, बस करें ये काम…
मिर्जापुर: यदि बारिश या तूफान की वजह से आपकी फसल को हानि पहुंचा है, तो यह समाचार आपके लिए है। अब आप टोल फ्री नंबर पर कम्पलेन दर्ज कर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।

दरअसल, उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम खराब चल रहा है। विंध्य क्षेत्र के किसानों की फसलें अब तक नहीं कट सकी हैं। गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। ऐसे में जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है, वे टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके कम्पलेन दर्ज करा सकते हैं। कम्पलेन के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी और हानि का आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा।
48 घंटे के अंदर पहुंचेगी टीम
उपनिदेशक कृषि विकेश सिंह पटेल ने लोकल 18 से वार्ता में कहा कि जिन किसानों की फसलें खेत में खड़ी हैं या कटी हुई हालत में पड़ी हैं, वे बीमाधारक किसान कॉल सेंटर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, किसान चाहें तो कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर भी कम्पलेन दर्ज करा सकते हैं। 48 घंटे के भीतर कम्पलेन करने पर टीम जांच के लिए पहुंचेगी और हानि का आंकलन कर मुआवजा दिया जाएगा।
कम या अधिक बारिश की स्थिति में फसलों को हानि होता है, ऐसे में बीमा कराने वाले किसानों को मुआवजा के रूप में राशि प्रदान की जाती है, जिससे उनका हानि काफी हद तक पूरा हो जाता है।
बीमा क्यों है जरूरी?
उपनिदेशक विकेश सिंह पटेल ने कहा कि फसल बीमा किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। किसान धान, मिर्च, मूंगफली, अरहर आदि फसलों का बीमा करवा सकते हैं। यह बीमा बुआई के समय ही कराया जाता है। जिस राजस्व गांव में किसी फसल की बुआई 20 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में होती है, वहां वह फसल बीमा के दायरे में आती है।
बीमा किसानों के भलाई में है, क्योंकि यह उन्हें फसल हानि की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देता है। इससे उन्हें हानि नहीं उठाना पड़ता। किसान भाइयों से अपील है कि बीमा कवर में आने वाली फसलों का बीमा जरूर कराएं। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

