बलरामपुर में नेपाली चरस तस्करी वाले गिरोह से उठा पर्दा
बलरामपुर में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने नेपाल से चरस की स्मग्लिंग करने वाले दो आरोपियों को अरैस्ट किया है. आरोपियों के पास से 3 किलो 115 ग्राम चरस बरामद की गई है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मूल्य लगभग 20 लाख रुपए आंकी गई है.

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के अनुसार, 5 फरवरी को एसएसबी की 9वीं बटालियन के उप-निरीक्षक अम्बाटी सागर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग बरदौलिया के रास्ते नेपाल में नशीला पदार्थ की स्मग्लिंग करने जा रहे हैं. इस सूचना पर हर्रैया थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने बरदौलिया में चेकिंग अभियान चलाया.
जांच के दौरान एक बाइक सवार ने अंधेरे में भागने का कोशिश किया, जिसे टीम ने पकड़ लिया. पकड़े गए आरोपियों में अकबरपुर निवासी लल्लन और मेड़ईडीह निवासी जितेन्द्र कुमार उर्फ कमला प्रसाद शामिल हैं. मोटरसाइकिल की डिग्गी से चार सफेद पारदर्शी पन्नी में रखा भूरे रंग का पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी जांच नशीला पदार्थ जानकार स्वान मालकम से करवाने पर यह चरस पाई गई.
आरोपियों से एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल टेलीफोन भी बरामद किए गए हैं. इस कार्रवाई में पुलिस के तीन और एसएसबी के आठ जवान शामिल थे. पुलिस के अनुसार तस्करों की सूचना पहले भी मिल रही थी जिसको लेकर लगातार कार्य किया जा रहा था लेकिन पकड़ में नहीं आ रहे थे. इस बार यह भागने में सफल रहे हैं. चरस के साथ अरैस्ट कर लिए गए हैं.
जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो कहा कि हम लोग नेपाल देश से चरस को सस्ते दामों मे लेकर उसे हिंदुस्तान में लाकर ऊंचे दामों पर बेचतें है . जिससे हम लोगो को अच्छा खासा पैसा फायदा हो जाता है. जिससे हम लोग अपनी शान शौकत पूरी करते है और अपने परिवार का भी खर्चा उसी से उठाते है.
हम लोग पहले हिंदुस्तान में ग्राहक तलाश लेते है फिर नेपाल से उतना माल लाकर मुख्य ग्राहक का कोई आदमी मुझसे मिलता है उसी को हम लोग अपना माल दे देते है और उसी से हम लोगो को पैसा भी मिल जाता है.

