दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लड़के ने जेईई एग्जाम में हासिल की 5286 रैंक
JEE Success Story: कहते हैं न कि यदि विवशता को ही ताकत बना लिया जाए, तो हर चीज को बदलना संभव हो जाता है। फिर पढ़ाई के लिए आर्थिक विवशता भी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता है। ऐसे ही कहानी उत्तर प्रदेश के एक लड़के की है, जिन्होंने IIT से पढ़ने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कक्षा 11वीं में गैस सिलेंडर उठाकर दिहाड़ी मजदूर के रूप में भी काम किया। साथ ही अपनी पढ़ाई औनलाइन जारी रखा और जीतोड़ मेहनत करके IIT से पढ़ाई करने के अपने सपने को पूरा किया। हम जिस लड़के की बात कर रहे हैं, उनका नाम गगन (Gagan) है।

जेईई में हासिल की थी 5286 रैंक
गगन यूपी के अलीगढ़ जिले के अतरौली से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने YouTube पर साझा किया कि IIT में कैसे कामयाबी प्राप्त की। फिजिक्स वाला के सीईओ और संस्थापक अलख पांडे के साथ वार्ता में उन्होंने बोला कि उनका आखिरी लक्ष्य IIT में प्रवेश प्राप्त करना था। हिंदुस्तान की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक को पास करने के लिए उन्होंने अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक वर्ष की छुट्टी ली। अपनी लगन और कड़ी मेहनत की बदौलत उन्होंने JEE एडवांस 2024 में ऑल इण्डिया रैंक 5286 का बहुत बढ़िया स्कोर हासिल की
350 रुपये प्रतिदिन मिलती थी दिहाड़ी मजदूरी
गगन के परिवार में छह लोग हैं और उनके पिता गोदाम कीपर और मजदूर के रूप में काम करते हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि जब वह कक्षा 11वीं में थे, तो वे गैस सिलेंडर उठाकर दिहाड़ी मजदूर के रूप में भी काम करते थे। गगन और उनके भाई प्रत्येक दिन 250 सिलेंडर उठाते थे और प्रतिदिन 350 रुपये कमाते थे। इन परेशानियों के बावजूद गगन अडिग रहे। उन्होंने काम पर बहुत अधिक ओवरटाइम किया और काम के बाद अपनी औनलाइन शिक्षा जारी रखने के लिए अपने SmartPhone का इस्तेमाल किया। कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने आईआईटी बीएचयू में इलेक्ट्रिकल और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने में सफल रहे।
यह पोस्ट कुछ दिन पहले यूट्यूब पर शेयर की गई थी। शेयर किए जाने के बाद से इसे एक लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है। शेयर पर कई लाइक और कमेंट भी मिले हैं। वीडियो पर एक व्यक्ति ने लिखा, “दिल को छू लेने वाली कहानी।” एक अन्य यूट्यूबर ने कहा, “गगन वाकई गगन को छू गया। सर जब आपने बोला कि ‘आप सभी बाधाओं को पार कर सकते हैं’ तो यह बात मेरे दिल को छू गई।” तीसरे यूजर ने लिखा “इस विद्यार्थी ने मुझे प्रेरित किया है।”

