दलित महिला का हुआ यौन शोषण, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करके किया आहत
गोंडा : यूपी के गोंडा जिले में एक दलित स्त्री के यौन उत्पीड़न की घटना सामने आई है. पीड़िता के कपड़े फाड़ दिए गए तथा उसके साथ छेड़छाड़ की गई. विरोध करने पर उसे जातिसूचक शब्द कहे गए तथा बेरहमी से मारा गया. यह घटना 18 अगस्त को हुई थी. अपराधियों के नाम इस्लाम, निजामुद्दीन, क़याम खाँ, एवं मुज़्ज़ीम हैं. मंगलवार, 3 सितंबर 2024 को पुलिस ने कहा कि इस मुद्दे की जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है.

अधिवक्ता राम वचन वर्मा ने इस मुद्दे की कम्पलेन मंगलवार, 3 सितंबर 2024 को अपने X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से यूपी पुलिस को टैग करते हुए की है. कम्पलेन के अनुसार, यह घटना गोंडा जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र के एक गाँव की है. वहाँ रहने वाली अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की पीड़िता ने 23 अगस्त 2024 को गोंडा जिले के पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र लिखा था. पत्र में पीड़िता ने कहा है कि उनका घर गाँव में पट्टे की जमीन पर बना हुआ है. 18 अगस्त की रात, जब पीड़िता के पति बाहर गए हुए थे तथा वह घर में अकेली थीं, तब यह घटना घटी.
आरोप है कि रात करीब 9 बजे इस्लाम, निजामुद्दीन, क़याम खाँ, एवं मुज़्ज़ीम पीड़िता के घर में घुस आए. इन सभी ने पीड़िता से छेड़खानी आरम्भ कर दी. विरोध करने पर पीड़िता के कपड़े फाड़ दिए गए तथा उसे बेरहमी से पीटा गया. तत्पश्चात, सभी अपराधियों ने पीड़िता को गालियाँ दीं तथा जातिसूचक शब्द कहे. कम्पलेन के अनुसार, आरोपियों ने कहा, “च$रिन के औलाद, तुम मेरा कुछ उखाड़ नहीं पाओगे.” पीड़िता की पिटाई होते देख आसपास के लोग डर गए.
कहा जा रहा है कि पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले कुछ बच्चों ने सहायता के लिए गुहार लगाई, जिससे लोग इकट्ठा होने लगे. लोगों को आता देख आरोपी भाग निकले. जाते-जाते अपराधियों ने पीड़िता को धमकी दी, “अभी तो इतना मारा-पीटा है. यदि FIR दर्ज कराई, तो जान से मार डालूँगा.” पीड़िता ने अपनी कम्पलेन में अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की है. मंगलवार, 3 सितंबर को गोंडा पुलिस ने मुद्दे का संज्ञान लेते हुए जाँच एवं अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई के लिए SHO कौड़िया को निर्देश दिए हैं

