फर्रुखाबाद में हर दिन के साथ बढ़ रहा है खतरा, बाढ़ से प्रभावित हुए 130 गांव
फर्रुखाबाद जिले में गंगा और रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. शुक्रवार रात गंगा का पानी 5 सेंटीमीटर और चढ़ गया. अब नदी का स्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है. प्रशासन के अनुसार जिले की तीनों तहसीलों में 130 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं.

कायमगंज तहसील: नावों पर जिंदगी
कायमगंज तहसील के शमशाबाद और कंपिल क्षेत्र में करीब 60-65 गांव पूरी तरह डूबे हैं. कई गांवों के रास्ते कट चुके हैं, जिससे लोग अब नावों का सहारा ले रहे हैं. सीमित नावों की संख्या के कारण लोगों को घंटों प्रतीक्षा करना पड़ता है.
गांव के लोग बताते हैं कि तेज बहाव के बीच कहीं बिजली के खंभों को पकड़कर, तो कहीं सीढ़ियां लगाकर आना-जाना पड़ रहा है. दर्जनों परिवार अपने घरों को छोड़ संबंधियों के यहां चले गए हैं, जबकि कई लोग छतों पर तिरपाल डालकर रह रहे हैं. सड़क किनारे अस्थायी झोपड़ियां भी बाढ़ पीड़ितों का सहारा बनी हैं.
अमृतपुर तहसील: बाजार तक डूबे
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के भी 60 से 70 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. राजेपुर कस्बे के मुख्य बाजार से पानी जरूर उतरने लगा है, लेकिन गांवों में हालात जस के तस हैं.फर्रुखाबाद-बदायूं स्टेट हाईवे पूरी तरह डूबा है. कई गांवों के घर बाढ़ के पानी में समा गए हैं, लोग सड़क किनारे तिरपाल डालकर गुजारा कर रहे हैं.
सदर तहसील: कटान का खतरा
सदर तहसील के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. कमालगंज क्षेत्र में गंगा कटान करने लगी है, जिससे ग्रामीणों के घर और खेत खतरे में हैं.
आंकड़ों में बाढ़…
- गंगा का जलस्तर: 137.35 सेंटीमीटर
- रामगंगा का जलस्तर: 136.45 सेंटीमीटर
- धरौर बांध से छोड़ा गया पानी: 1,43,454 क्यूसेक
- रामगंगा में छोड़ा गया पानी: खो बैराज से 7753, हरेली बैराज से 333 और रामनगर बैराज से 2789 क्यूसेक
राहत से अधिक आफत
लोगों का बोलना है कि प्रशासन की नावें और राहत सामग्री बहुत सीमित हैं. भोजन और पानी की भारी किल्लत है. छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं. ग्रामीण मुकेश यादव बताते हैं— “पिछले 15 दिन से बाढ़ से घिरे हैं. घर छोड़ना पड़ा, सड़क किनारे तिरपाल डालकर रह रहे हैं. अब मवेशियों का चारा समाप्त हो गया है. गवर्नमेंट से सहायता की आशा है.”

