उत्तर प्रदेश

DGP प्रशांत कुमार ने बताया अपना आगे का शेड्यूल

UP Police Constable Recruitment Exam: यूपी में पांच दिनों में आयोजित की गई सिपाही भर्ती परीक्षा का आज आखिरी दिन है. पहली पाली की परीक्षा के दौरान डीजीपी प्रशांत कुमार ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्‍होंने मीडिया से कहा, ‘मुझे लगता है कि राष्ट्र और विश्व की सबसे बड़ी पुलिस की परीक्षा है जिसको सकुशल संपन्न कराने में हम लोग सफल हुए हैं.‘ उन्‍होंने बोला कि ये बच्चे जो अभी एक पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार आ रहे हैं वो जनता, समाज, विभाग और राष्ट्र की सेवा अगले 40 वर्ष तक करेंगे. अभी की भर्ती 60 हजार से कुछ ऊपर की है. पुलिस विभाग की आगे की योजना (प्‍लान) के बारे में बताते हुए उन्‍होंने बोला कि अभी 60 और आगे 40 हजार कांस्‍टेबलों यानी एक साल में कुल एक लाख लोगों की भर्ती होगी. समय से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अगले डेढ़ से दो साल के भीतर एक लाख से अधिक मेधावी कांस्‍टेबल हमारे पास होंगे जो लंबे समय तक प्रदेश की सेवा करेंगे.

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डीजीपी ने बोला कि एक अंतरविभागीय समन्‍वय के साथ बेहतर व्‍यवस्‍था का रिज़ल्ट है कि भर्ती का उत्तर प्रदेश का एक अपने आप में उत्तर प्रदेश का मॉडल भी आज राष्ट्र के सामने उपलब्‍ध है. सभी लोग संतुष्‍ट हैं. एक टीम वर्क का यह प्रतिफल है कि इस तरह के रिज़ल्ट आ रहे हैं. उन्‍होंने बोला कि गवर्नमेंट का संकल्प है कि कोई भी भर्ती सुचितापूर्ण ढंग से हो. केवल मेधावी विद्यार्थी ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बाद विभिन्‍न नौकरियों में लिए जाएं जिससे कि जनता की सेवा अधिक से अधिक की जा सके. उन्‍होंने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित निवेशकों के एक बड़े कार्यक्रम का उल्‍लेख करते हुए बोला कि आपने स्वयं कल देखा होगा कि कितना बड़ा निवेश विभिन्‍न राष्ट्र और विदेश की कंपनियों द्वारा उत्तर प्रदेश में किया गया. इसके पीछे गवर्नमेंट की जो पॉलिसी है और बेहतर कानून-व्‍यवस्‍था का जो मॉडल लिया गया है उसके अनुसार कार्यवाही हो रही है.

एक प्रश्न के उत्तर में डीजीपी ने बोला कि कुछ लोग ऐसे गलत लोग रहते हैं जो परीक्षाओं की शुचिता को नष्‍ट करने की प्रयास करते हैं. उस पर हमारी एसटीएफ और सिविल पुलिस की टीम लगातार काम कर रही है. एक टीम भावना के रूप में पूरा पुलिस विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग, रेल विभाग, प्रशासनिक अमला सबने साथ मिलकर एक बेहतर समन्वय के साथ काम किया है जिसके फलस्‍वरूप यह संभव हो सका.

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