एग्रीस्टैक योजना के तहत फसल का डिजिटल सर्वेक्षण शुरू
किसान फसल उत्पादन की लागत को कम कर अपनी आय बढ़ा सकें, इसके लिए कृषि में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में कृषि राजस्व विभाग ने धान और गेहूं की तरह सब्जी मक्का गन्ना और दलहनी फसलों डिजिटल सर्वे और प्रारम्भ कर दिया है। डिजिटल सर्वे के डेटाबेस के आधार पर फसल संबंधी समस्याओं का निवारण किया जाएगा। इसके लिए तीन विभागों से 500 से अधिक सर्वेयर नियुक्त किए गए हैं।

डिजिटल क्राप सर्वे से खेतों का होगा सर्वे
केंद्र की एग्रीस्टैक योजना के अनुसार रबी फसलों की ई-खसरा पड़ताल (डिजिटल सर्वे) का कार्य पूरा हो गया है। अब जायद फसलों का सर्वे प्रारम्भ कर दिया है। 31 मई तक चलने वाले डिजिटल क्राप सर्वे के दौरान हर खेत के सर्वे का फैसला लिया गया है। सर्वेयर को तहसील स्तर पर पहले ट्रेनिंग दी जा चुकी है सर्वेक्षण से किसानों द्वारा अपने खेतों में बोई गई विभिन्न प्रकार की फसलों के बारे में जानकारी एकत्र की जाएगी और डिजिटल फसल सर्वेक्षण के दौरान, फसल रजिस्ट्री मानकीकृत ढंग से डेटा एकत्र करने के लिए सत्य के एकल साधन के रूप में कार्य करेगी।
जांच के लिए रखे गए 500 सर्वेयर
नरेंद्र कुमार ने कहा कि पहले ये यह सर्वे ऑफलाइन हुआ करता था। अब हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने एग्री स्टेक के अनुसार डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य प्रारम्भ किया है, इस वजह से जिले में रबी और खरीफ के बाद जायद फसल की भी खसरा पड़ताल प्रारम्भ कर दी है। इसके लिए 500 से अधिक सर्वेयर लगाए गए हैं। यह सर्वेयर को 31 मई तक 2.84 लाख 859 गाटा का सर्वे पूरा करना है।उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य है कि डिजिटल सर्वे के माध्यम से किसानों की फसलों का आंकड़ा जुटाने का लक्ष्य पूरा होगा और इन्हीं आंकड़ों के आधार पर गवर्नमेंट किसानों के लिए योजना तैयार करेगी

