उन्नाव लोक अदालत में 67 हजार मुकदमे का निस्तारण
उन्नाव में शनिवार को राष्ट्रीय लोक न्यायालय का आयोजन किया गया. जिसमें कई वर्षों से लंबित वादों को चिह्नित कर उनका निस्तारण कराया गया. राष्ट्रीय लोक न्यायालय में 67 हजार से अधिक वादों का निस्तारण किया गया.

जिला न्यायधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने जनपद कोर्ट के केन्द्रीय हॉल में राष्ट्रीय लोक न्यायालय का शुरुआत किया. उन्होंने अधिक से अधिक वाद सुलह समझौते के आधार पर लोक न्यायालय में निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए. राष्ट्रीय लोक न्यायालय में मोटर हादसा दावा अधिकरण के 100 वाद एवं मोटर हादसा प्रतिकर के वादों में 5 करोड़ 60 लाख प्रतिकर अवार्ड किया गया. 121 वैवाहिक वाद, बैंक रिकवरी के 920 वाद का निस्तारण किया गया. जिसमें रकम की अदायगी तय की गयी.
विविध दीवानी न्यायालय के 36 वाद और आपराधिक शमनीय 6896 वाद, एनआई एक्ट के 6 वाद, आरबीट्रेशन के 1 वाद और 16 अन्य वाद का निस्तारण किया गया. राजस्व के 38064 तथा अन्य प्रि-लिटिगेशन के 06 वाद का निस्तारण किया गया. ई-चलानी यातायात के 7 वाद का निस्तारण किया गया. अन्य प्रि-लिटीगेशन वाद जिसमें निस्तारण किया गया. अन्य लघु वाद का विशेष लोक न्यायालय में कुल 486 वादों का निस्तारण किया गया. इस प्रकार राष्ट्रीय लोक न्यायालय के आयोजन में लगभग 67 हजार 412 वादों का निस्तारण किया गया.इस दौरान मो असलम सिद्दीकी अपर जिला जज, डाक्टर सत्यवान सिंह अपर जिला जज, ममता सिंह अपर जिला जज, शिप्रा आर्या अपर जिला जज/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत, स्वप्ना सिंह अपर न्यायाधीश परिवार कोर्ट प्रथम, पूनम द्वितीय अपर न्यायाधीश परिवार कोर्ट द्वितीय, मनीष निगम अपर जिला जज, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उन्नाव, जयवीर सिंह नागर अपर जिला जज, शैलेन्द्र सिंह यादव अपर जिला जज, रवि प्रकाश साहू अपर जिला न्यायधीश एफ।टी।सी-1, स्वतंत्र प्रकाश अपर जिला न्यायधीश फ़ास्ट ट्रैक, भव्या तिवारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उन्नाव तथा अन्य सभी सम्मानित न्यायिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उन्नाव के कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक मौजूद रहें

