उत्तर प्रदेश

डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का होगा 23वां दीक्षांत समारोह आयोजन

डॉएपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक यूनिवर्सिटी (AKTU) का 23वां दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन आज यानी 9 सितंबर को होगा. इस दौरान 53 हजार 943 स्टूडेंट्स को डिग्री प्रदान की जाएगी. जबकि 86 स्टूडेंट्स को पीएचडी अवॉर्ड होगी. कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ल

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मंगलवार सुबह 10ः30 बजे पंअटल बिहारी वाजपेयी बहुउद्देश्यीय बैठक भवन में कॉन्वोकेशन का आयोजन किया जा रहा. दीक्षांत कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी की कुलाधिपति गवर्नर आनंदीबेन पटेल करेंगी. जबकि बतौर मुख्य मेहमान ग्रुप कैप्टन एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला होंगे. वहीं, विशिष्ट मेहमान के रूप में मंत्री प्राविधिक शिक्षा विभाग आशीष पटेल भी उपस्थित रहेंगे.

 

इन मेधावियों को मिलेगा मेडल

प्रोजेपी पांडेय ने कहा कि यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध कानपुर के प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा नैंसी को कुलाधिपति स्वर्ण पदक से नवाजा जाएगा. जबकि कमल रानी वरूण स्मृति स्वर्ण पदक गाजियाबाद के आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा उन्नति गौर को मिलेगा.

समारोह में कुल 53943 स्टूडेंट्स को उपाधि दी जाएगी. साथ मेधावियों को 88 पदक दिये जाएंगे. जिसमें 37 स्वर्ण पदक, 26 रजत और 25 कांस्य पदक शामिल है. जबकि 86 विद्यार्थियों को पीएचडी अवॉर्ड होगी.

6 स्टार्टअप भी होंगे सम्मानित

प्रोजेपी पांडेय ने कहा कि दीक्षांत कार्यक्रम के दौरान इस बार 6 श्रेणियों में स्टूडेंट स्टार्टअप अवॉर्ड दिया जाएगा. इसमें एक अवॉर्ड वोमेन लेड स्टार्टअप अवॉर्ड दूसरा बेस्ट सोशल इम्पैक्ट स्टार्टअप अवॉर्ड, तीसरा बेस्ट टेक इनोवेशन स्टार्टअप अवॉर्ड, चौथा एसिसिबिलिटी अवॉर्ड, पांचवां सस्टेनेबिलिटी चैंपियन और छठवां हेल्थ इनोवेशन स्टार्टअप अवॉर्ड है. बेस्ट वुमेन लेड स्टार्टअप अवॉर्ड के लिए स्टार्टअप कंपनी में एक स्त्री डायरेक्टर का 25% हिस्सेदारी के साथ होना महत्वपूर्ण है.

बेस्ट सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड का चयन स्वास्थ्य, भारतीय भाषा, शिक्षा, जीवनशैली जैसे सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले स्टार्टअप कंपनी को दिया जाएगा. जबकि बेस्ट टेक इनोवेशन स्टार्टअप अवॉर्ड इनोवेटिव पेटेंट तकनीकी विकसित कर वस्तुओं और सर्विस के क्षेत्र और डिजिटल मंच पर कार्य करने वाली स्टार्टअप कंपनी को मिलेगा.

इसी तरह दिव्यांगों की सुविधा प्रदान करने वाले स्टार्टअप को एक्सेसबिलिटी अवॉर्ड दिया जाएगा. जलवायु परिवर्तन, कूड़ा प्रबंधन, निन्योबल एनर्जी से जुड़े स्टार्टअप को सस्टेनेबिलिटी चैंपियन अवॉर्ड दिया जाएगा. जबकि स्वास्थ्य से जुड़े स्टार्टअप को हेल्थ इनोवेशन स्टार्टअप अवॉर्ड मंच से दिया जाएगा. यह अवॉर्ड यूनिवर्सिटी के किसी विद्यार्थी या छात्रा की स्टार्टअप कंपनी को ही दिया जाएगा. जो पढ़ने के साथ स्टार्टअप भी संचालित कर रहा हो.

AKTU कैंपस में प्रारम्भ हुई बीटेक की पढ़ाई

प्रोजेपी पांडेय ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने तकनीकी शिक्षा के तमाम आयामों को लगातार अपग्रेड कर रहा है. पहली बार यूनिवर्सिटी परिसर स्थित सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में प्रारम्भ हुए बीटेक पाठ्यक्रमों को नयी तकनीकी को लाया गया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे नयी उभरती तकनीकी में विद्यार्थियों को दक्ष बनाने के लिए न सिर्फ़ शॉर्ट टर्म कोर्स करायें जा रहे हैं बल्कि समय-समय पर कार्यशालाएं, इंटर्नशिप का भी आयोजन किया जा रहा है. इसमें विद्यार्थियों के अतिरिक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है. यही नहीं यूनिवर्सिटी स्कूली शिक्षकों के प्रशिक्षण भी करा रहा है. यूनिवर्सिटी लगातार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कोशिश और पहल कर रहा है. हाई लेवल अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए कार्य किये जा रहे हैं.

100 करोड़ रुपए का बना इनोवेशन फंड

प्रो जेपी पांडेय ने कहा कि प्रदेश में नवाचार-उद्यमिता की संस्कृति बनाने के लिए कई कदम उठाये गये हैं. इसके अनुसार 100 करोड़ की विशेष इनोवेशन निधि बनायी गयी है. ताकि नवाचार और उद्यमिता की गति को और तेजी से बढ़ाया जा सके. वन डिस्ट्रिक्ट, वन इन्कयूबेशन सेंटर के अनुसार यूनिवर्सिटी अपने संबद्ध संस्थानों में इन्कयूबेशन सेंटर स्थापित करने की योजना को लागू कर रहा है. इस योजना के अनुसार हाल ही में 30 और प्री इन्कयूबेशन सेंटर बनाए गए है.

4 नए इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू

प्रोजेपी पांडेय ने बोला कि चार नये राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, जिसमें आरईसी बस्ती, आरईसी, गोंडा, आरईसी प्रतापगढ़ और आरईसी मिर्जापुर में नए इमर्जिंग पाठ्यक्रमों के संचालन को स्वीकृति दी गयी है. जिससे कि विद्यार्थी नयी तकनीकी की पढ़ाई कर सकें. इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी लगातार माहौल बेहतर करने के साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कर रहा है. यूनिवर्सिटी ने पहल करते हुए बीटेक विद्यार्थियों को माइनर डिग्री के साथ ही ऑनर्स डिग्री लेने का अवसर दिया है.

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