उत्तर प्रदेश

विद्युत संविदा कर्मियों ने पुरे यूपी भर में किया प्रदर्शन

छंटनी के विरोध में विद्युत संविदा कर्मियों ने मंगलवार को प्रदेश भर में प्रदर्शन किया. कर्मचारियों का बोलना है कि बिना किसी ठोस नियम के पूर्वांचल विद्युत निगम वाराणसी और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के निजी कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम बनाया जा

 

अधीक्षण अभियंता कार्यालय एचएएल पर प्रदेश प्रभारी पुनीत राय ने बोला कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से हुई वार्ता में कई बातें साफ की गई हैं. इनमें यदि कार्यरत संविदा कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी और उनकी सेवा में निरंतरता की गारंटी नहीं दी जाती है तो निगमों के स्वरूप में कोई भी परिवर्तन करने के विरुद्ध संविदा कर्मी आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे.Download 11zon 2024 12 08t194631. 641

WhatsApp Group Join Now

 

उन्होंने बोला कि वेतन में न्यूनतम 22,000 और लाइनमैन तथा कम्प्यूटर आपरेटर को 25,000 वेतन दिए जाने के साथ-साथ सेवा अवधि को 58 साल करने सहित सात लंबित मांगों का जल्द निवारण किया जाए.

 

वरिष्ठ मज़दूर नेता और विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ यूपी के अध्यक्ष आरएस राय ने ऊर्जा निगमों के चेयरमैन से अपील की. उन्होंने बोला कि गत साल मार्च में विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति की स्ट्राइक में शामिल होने के कारण निलंबित किए गए अभियंताओं और अवर अभियंताओं को बहाल किया जाए. बहाली की तरह संविदा कर्मियों को भी सेवा से बर्खास्तगी के बाद पुनः काम पर वापस लिया जाए.

 

उन्होंने इस मामले के लिए प्रबंधन और इंजीनियरों दोनों को उत्तरदायी ठहराया और वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता जताई. सत्याग्रह में पुनीत राय प्रभारी के अतिरिक्त जिला अध्यक्ष लखनऊ, उत्पादन निगम अध्यक्ष सतीश तिवारी, शिवरतन, धर्मेंद्र कुमार भारती, धनंजय गुप्ता, पंकज यादव, अनु श्रीवास्तव, दिलीप यादव, अनूप यादव, वीरेंद्र मुसाफिर, दयाराम, अरविंद, अनूप शर्मा, अनिल, अश्वनी, पंकज, अनिल गुप्ता, गुड्डू मिश्रा, राजा, हरिनाथ, रामकुमार, मन्नान और राजेश समेत कई अन्य लोग शामिल थे.

Back to top button