उत्तर प्रदेश

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बातों-बातों में दे डाला यह बड़ा बयान, कहा- ‘सुपारी’ लेकर काम कर…

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली विभाग के कुछ कर्मचारी नेताओं पर गंभीर इल्जाम लगाते हुए दावा किया है कि उनके विरुद्ध षड्यंत्र रची जा रही है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट करते हुए शर्मा ने बोला कि कुछ “अराजक तत्व” विद्युत कर्मचारियों के वेश में उनके विरुद्ध “सुपारी” लेकर काम कर रहे हैं विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ ने भी मंत्री के आरोपों का समर्थन किया और बोला कि संघर्ष समिति का प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित है

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एके शर्मा ने अपने पोस्ट में दावा किया कि उनके तीन वर्ष के कार्यकाल में बिजली कर्मचारी यूनियन ने चार बार स्ट्राइक की, जिसमें पहली स्ट्राइक उनके मंत्री बनने के महज तीन दिन बाद ही होने वाली थी उन्होंने इल्जाम लगाया कि ये हड़तालें बाहरी ताकतों से प्रेरित थीं, जिन पर अंततः उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा शर्मा ने प्रश्न उठाया कि अन्य विभागों में ऐसी हड़तालें क्यों नहीं हो रही हैं और क्या वहां यूनियन या समस्याएं नहीं हैं?

उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ कर्मचारी नेता उनके सरकारी निवास पर निजीकरण के विरोध के नाम पर छह घंटे तक प्रदर्शन कर अभद्रता और असभ्य भाषा का इस्तेमाल करते रहे शर्मा ने बोला कि उन्होंने इन प्रदर्शनकारियों को मिठाई और पानी देकर शांत करने की प्रयास की और ढाई घंटे तक उनसे मिलने का प्रतीक्षा किया

निजीकरण पर प्रश्न और जवाब

शर्मा ने निजीकरण के मामले पर कर्मचारी नेताओं को आड़े हाथों लिया उन्होंने बोला कि 2010 में आगरा का निजीकरण टोरेंट पावर को सौंपा गया था, तब यही यूनियन नेता उपस्थित थे और वह प्रक्रिया कथित तौर पर शांतिपूर्ण रही क्योंकि कुछ नेता “विदेशी पर्यटन” पर चले गए थे उन्होंने यह भी साफ किया कि निजीकरण जैसे बड़े निर्णय अकेले उनके द्वारा नहीं लिए जा सकते, क्योंकि एक जूनियर इंजीनियर का स्थानांतरण भी ऊर्जा मंत्री के अधिकार क्षेत्र में नहीं है निजीकरण की पूरी प्रक्रिया मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स और राज्य गवर्नमेंट की हाई लेवल स्वीकृति के अनुसार हो रही है

विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ का समर्थन 

दूसरी ओर, विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ, यूपी के अध्यक्ष आरएस राय ने बोला कि संघर्ष समिति द्वारा ऊर्जा मंत्री पर लगाए गए इल्जाम गवर्नमेंट और विभाग की छवि को धूमिल करने की प्रयास हैं उन्होंने दावा किया कि 2023 में भी संघर्ष समिति ने तीन दिन की स्ट्राइक की थी, जिसके बाद करीब 5,000 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं खत्म कर दी गई थीं राय ने यह भी इल्जाम लगाया कि संघर्ष समिति ने पूर्व अध्यक्ष एम देवराज जैसे “ईमानदार” आदमी को हटाने की षड्यंत्र रची थी महासंघ ने एक बैठक में संकल्प लिया कि वे कर्मचारियों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहेंगे और किसी भी सियासी चाल को सफल नहीं होने देंगे उन्होंने बोला कि निजीकरण विरोध के नाम पर यह आंदोलन कुछ लोगों के सियासी फायदा के लिए मोड़ा जा रहा है

बिजली विभाग पर पहले भी उठे सवाल

हाल के दिनों में एके शर्मा बिजली विभाग के ऑफिसरों पर कई बार नाराजगी जता चुके हैं हाल ही में मुरादाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान 10 मिनट की बिजली कटौती के बाद पांच वरिष्ठ ऑफिसरों को निलंबित कर दिया गया था इसके अलावा, बस्ती के एक अधिकारी को उपभोक्ता कम्पलेन के प्रति असंवेदनशील व्यवहार के लिए निलंबित किया गया शर्मा ने ऑफिसरों को चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण करना उनकी अहमियत होनी चाहिए

अखिलेश यादव ने कसा था तंज

विपक्षी नेता और सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बिजली संकट को लेकर गवर्नमेंट और शर्मा की आलोचना की है उन्होंने X पर टिप्पणी की कि “मंत्री और ऑफिसरों का कनेक्शन टूट चुका है,” और जब तक भाजपा सत्ता में है, बिजली की परेशानी बनी रहेगी

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