भ्रष्टाचार से तंग आकर किसानों ने चुना प्रदर्शन का मार्ग
उन्नाव जिले के बीघापुर तहसील मुख्यालय पाटन प्रांगण में भारतीय किसान यूनियन द्वारा विशाल धरने का आयोजन किया गया. धरने में सैकड़ों किसान, महिलाएं और पुरुष भयंकर ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में शामिल हुए. किसानों ने तहसील प्रांगण में भ्रष्टाचार, बिजली बिल,
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धरना में महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में शामिल हुए. किसान अपनी समस्याओं को लेकर आक्रोशित थे. जिला प्रवक्ता मोहनलाल यादव ने सभा को संबोधित करते हुए बोला कि तहसील में करप्शन चरम पर है. बिना घूस के कोई काम नहीं होता. लेखपाल अपने सहयोगियों के माध्यम से काम के बदले भारी धनराशि वसूलते हैं. तहसील प्रांगण में लगे इण्डिया मार्का नलों से फ्लोराइड युक्त पानी आता है, जो पीने योग्य नहीं है. यादव ने बोला कि जब तहसील प्रांगण में ऐसी प्रबंध है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी खराब होगी.
बिजली और खाद-बीज की समस्याओं पर नाराजगी
जिला अध्यक्ष किरण सिंह पटेल ने बोला कि प्रत्येक तहसील में करप्शन व्याप्त है, और किसान परेशान हैं. किसानों के घरों में लगे बिजली मीटर पर हर महीने 20 यूनिट की खपत के बावजूद 200-300 यूनिट का बिल भेजा जाता है. इससे गरीब किसान परिवार आर्थिक रूप से दबाव में आ रहे हैं. किसानों को समय पर खाद, बीज और पानी नहीं मिल रहा है.
भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की परेशानी को लेकर प्रदर्शन किया.
प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने बोला कि तहसील और थानों में किसानों की समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है. बिना घूस दिए ऑफिसरों तक किसानों की आवाज नहीं पहुंचती. उन्होंने रेलवे स्टेशन तकिया पर इंटरसिटी ट्रेन के ठहराव और रायबरेली पैसेंजर गाड़ी के परिचालन को बहाल करने की मांग की.
शिव भोलेनाथ को ज्ञापन सौंपकर इन्साफ की गुहार
किसानों का आक्रोश उस समय और बढ़ गया, जब किसी भी अधिकारी ने ज्ञापन लेने के लिए आने की जहमत नहीं उठाई. भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने प्रांगण में बने मंदिर में जाकर भगवान शिव भोलेनाथ की मूर्ति को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने इसे इन्साफ की आखिरी आशा बताते हुए बोला कि जब अधिकारी किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं, तो हमें भगवान का सहारा लेना पड़ रहा है.
धरने में किसानों की जोरदार मांग
धरने के दौरान किसानों ने तहसील में करप्शन समाप्त करने, बिजली बिल की गड़बड़ियों को सुधारने, समय पर खाद-बीज मौजूद कराने, और पीने के साफ पानी की प्रबंध करने की मांग की. साथ ही, रेलवे स्टेशन तकिया पर ट्रेनों के ठहराव को सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई.

